हाल ही वर्षों में हुए लाखों-करोड़ों के बैंक घोटाले के बाद से बैंक जगत में जो उथल-पुथल मची है वह दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही है. लगातार नये घपले-घोटाले निकलते जा रहे हैं और उनमें बैंकों के टॉप एग्जीक्यूटिव और देश के नामी-गिरामी उद्योग व व्यापारिक घराने लिप्त पाये जा रहे हैं लेकिन घपलों में निजी क्षेत्र के उद्योग व्यापार घरानों से कहीं ज्यादा लिप्तता बैंक के शिखर अधिकारियों की है.

यह भी स्पष्ट हो गया है कि ये घपले बैंकों ने आगे बढक़र कराये हैं और अधिकांश रुपया उनकी ही जेबों में गया है यानि केंद्र सरकार जो वित्त मंत्रालय व वित्त विभाग के जरिये सरकारी बैंकों का मालिक होता है वह अपनी मालिकियत में बुरी तरह और पूरी तरह असफल रहा. मोदी सरकार को मुंह की खानी पड़ी जो यह कहते थे कि उनके शासन में एक भी घपला नहीं हुआ वहीं यह पंजाब नेशनल बैंक का घपला अब तक का सबसे बड़ा बैंक घपला साबित हो गया.

ऐसे में बैंक क्षेत्र के लिये यह खबर भी उथल-पुथल को बढ़ा रही है कि केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली किडनी की बीमारी से गंभीर रूप से ग्रस्त हैं और उन्हें किडनी ट्रांसप्लांट करना पड़ सकता है. वे कार्यालय नहीं जा रहे हैं. वे हाल के राज्यसभा चुनावों में पुन: निर्वाचित हुए हैं लेकिन अभी वे नये टर्म की सदस्यता की शपथ लेने भी नहीं जा सके हैं.

श्री जेटली ने ट्वीट करके उनकी बीमारी की पुष्टि की है. वे अगले सप्ताह 10वें भारत-ब्रिटेन आर्थिक वित्तीय संवाद में भाग लेने लंदन जाने वाले थे उनकी इस यात्रा को रद्द कर दिया गया. बैंकों के ऐसे संकटकाल में काफी समय तक अस्वस्थ रहना भी बैंक व्यवस्था में हितकर नहीं रहेगा. इससे पहले मोदी सरकार में विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज का भी हाल ही के समय में किडनी ट्रांसप्लांट हो चुका है.

सरकार यह दावा तो करती जा रही है कि देश में महंगाई घटी है लेकिन देश की आर्थिक व वित्तीय व्यवस्था बैंक दरों में परिलक्षित होती है.

चालू वित्त वर्ष की पहली मौद्रिक समीक्षा में रिजर्व बैंक के गवर्नर श्री उर्जित पटेल ने महंगाई का हवाला देते हुए लगातार चौथी मौद्रिक समीक्षा में बैंक दरों में कोई परिवर्तन नहीं किया है. रेपो 6 और रिवर्स रेपो 5.75 पर यथावत् रहेगा. विकास दर का अनुमान 7.4 प्रतिशत किया.

सरकार का बैंकों पर नकेल कसना जारी है. रिजर्व बैंक ने बैंकों, गैर बैंक वित्तीय कंपनियों पर रोक लगा दी है कि वे क्रिप्टो करेंसी में कार्य न करें. रिजर्व बैंक स्वयं की डिजीटल करेंसी लागू करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है. पेमेंट सिस्टम आपरेट करने वाली कम्पनियों को बाध्य किया गया है कि वे अपना पूरा डाटा भारत से ही स्टोर करेगी.

सुप्रीम कोर्ट ने आधार के संबंध में केन्द्र सरकार के ‘आधार’ पर तर्क को मानने से इंकार कर दिया है. कोर्ट ने कहा है कि वह इससे सहमत नहीं है कि आधार से बैंक फ्राड और आंतकवाद को रोकने में मदद मिलेगी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यह धोखाधड़ी करने वालों के साथ बैंक अधिकारियों की साठगांठ रहती है और घोटाले इसलिये नहीं होते हैं कि बैंकों के अधिकारियों को फ्राड करने वालों की जानकारी नहीं रहती है. आधार बैंक फ्राड रोकने का समाधान नहीं है.

इस समय देश को … सबसे बड़ी जरूरत यह है कि सरकार उसकी खुद की और सरकारी बैंकों की साख को पुन: स्थापित करें. बैंकिंग क्षेत्र में मोदी सरकार की छवि व क्षमता दोनों ध्वस्त हो चुके हैं.

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