मुंबई,

रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने विभिन्न कारणों से आने वाले समय में महँगाई को लेकर बनी अनिश्चितता के मद्देनजर नीतिगत ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है जिससे आवास और वाहन ऋण सस्ता होने की उम्मीद लगाये लोगों को निराशा हाथ लगी है।

केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति की चालू वित्त वर्ष की पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति बैठक के बाद आज आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल ने बताया कि मुख्य नीतिगत दर रेपो रेट छह प्रतिशत पर स्थिर रखी गयी है। समिति की यह लगातार चौथी बैठक है जब दरों में बदलाव नहीं किया गया है।

इससे पहले अगस्त 2017 में रेपो दर 0.25 प्रतिशत घटायी गयी है। साथ ही रिवर्स रेपो दर 5.75 प्रतिशत तथा मार्जिनल स्टैंडिंग फशिलिटी और बैंक रेट 6.25 प्रतिशत पर स्थिर रखी गयी है।

समिति के छह में से पाँच सदस्यों ने दरें स्थिर रखने और एक ने दर बढ़ाने के पक्ष में मतदान किया था।
इसके साथ ही समिति ने चालू वित्त वर्ष के विकास दर का अनुमान 7.2 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.4 प्रतिशत कर दिया है। उसने 31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष की चौथी तिमाही का खुदरा महँगाई दर अनुमान भी 5.1 प्रतिशत से घटाकर 4.5 प्रतिशत कर दिया है।

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