आईजी बोले- एटीएस करेगी सोशल मीडिया में वायरल हुए ऑडियो व वीडियो की जांच

  • धारा 164 के तहत दर्ज हुए युवती के बयान

नवभारत न्यूज भोपाल,

अटेर विधायक हेमंत कटारे को ब्लैकमेल करने के आरोप में जेल गई युवती को जमानत मिल गई है. उसे 1 लाख के मुचलके व 1 लाख के बंध पत्र पर जमानत दी गई है. न्यायालय में युवती के धारा 164 के तहत बयान भी दर्ज किए गए. न्यायालय पंचम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शिवबालक साहू ने जमानत दी है.

वहीं अटेर विधायक हेमंत कटारे का एक और तथाकथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें विधायक हेमंत कटारे व इसी मामले में आरोपी बनाए गए विक्रमजीत सिंह के बीच कार में बैठकर वार्तालाप हो रही है. वहीं आईजी इंटेलिजेंंस मकरंद देउस्कर ने कहा है कि सोशल मीडिया में वायरल हुए फोटोस, वीडियो क्लीप व ऑडियो की जांच एटीएस करेगी.

उन्होंने कहा कि जो व्हाट्सएप चेट वायरल हुए हैं, उनकी प्रमाणिकता जांची जाएगी. वहीं महिला थाना पुलिस विधायक कटारे पर लगे आरोपों को लेकर साक्ष्य जुटा रही है. माना जा रहा है कि विधायक पर भी पुलिस जल्द सिकंजा कस सकती है. मामले को लेकर राजनैतिक गलियारों में हडक़ंप मचा हुआ है. वहीं पुलिस भी इस मामले में कुछ कहने से बच रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विवेचना जारी है.

23 जनवरी को अटेर से कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने क्राइम ब्रांच में शिकायत की थी कि माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मास्टर डिग्री कर रही एक युवती उनको अश्लील एमएमएस वायरल करने की धमकी दे रही है और 25 लाख रुपयों की मांग कर रही है, जिसमें एक विक्रमजीत सिंह नाम का युवक भी सहयोग कर रहा है.

इसके बाद क्राइम ब्रांच ने युवती को इंदौर सीट कवर के पास पांच लाख रुपए के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया था, जहां से युवती को जेल भेज दिया था. वहीं इसके बाद से मामले में हर रोज नई नई बातें सामने आ रही है. अभी तक जहां 8 वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं, वहीं रविवार को तीन ऑडियो आए तो विधायक व युवती के बीच पैसों के लेनदेन के बताए गए.

न्यायालय ने युवती को जारी जमानत आदेश में कहा है कि उसे हर माह की 1 व 15 तारीख को क्राइम ब्रांच में उपस्थिति देना होगी, साथ ही अगर भोपाल से बाहर जाती है तो उसे यह भी बताना होगा कि वह कहां जा रही है.

बंद कमरे में युवती के धारा 164 के तहत बयान दर्ज किए गए, न्यायालय में युवती की मां भी मौजूद रही. वहीं एक आरोपी विक्रमजीत सिंह अभी पुलिस गिरफ्त में नहीं आ सका है. पुलिस का कहना है कि विक्रमजीत सिंह के पुलिस गिरफ्त में आने के बाद अहम सुराग हाथ लग सकते हैं.

कुछ इस तरह से हुई बहस

न्यायालय में विधायक हेमंत कटारे के अधिवक्ता रविकांत पाटीदार ने कहा कि युवती के सत्तापक्ष से संबंध है और इसी के चलते 9 दिन बाद विधायक पर मामला दर्ज किया गया, आखिर ऐसे क्या कारण रहे कि ज्यादती का मामला 9 दिन बाद दर्ज हुआ, तुरंत आवेदन क्यों नहीं दिया. इस पर युवती के अधिवक्ता आकाश तैलंग ने कहा कि जब युवती को गिरफ्तार किया होगा, तब उसकी स्थिति कैसी रही होगी.

विधायक ज्यादा पावरफुल होता है. उन्होंने कहा कि पीडि़ता शिकायत तक नहीं कर पाए ऐसे कैसे सत्तापक्ष से संबंध. क्राइम ब्रांच ने पुलिस रिमांड पर नहीं लिया, इसके चलते जेल में बंद रखने से उसका कैरियर खराब हो रहा है. युवती को न्यायालय ने इस आधार पर कि वह नवयुवती होने के साथ अविवाहित है और उसकी सामाजिक एवं मानसिक हालत खराब हो रही है, जमानत दे दी.

रामेश्वर और अरविंद आ रहे मामले को भुनाने के लिए

कटारे: हां, बताओ मेरे भाई
विक्रमजीत: मेरे पास मामला चार पांच दिन से है, कंटीन्यू आपके टच में आना चाह रहा था, फिर दो बार इंदर से बात हुई
कटारे: आश्चर्यचकित होते हुए बोले इंदर से
विक्रमजीत: हां
कटारे: अच्छा
विक्रमजीत: मैंने कहा कि ऐसा ऐसा मामला है, तो वह बोला बहुत आते हैं, मैंने कहा ठीक है, मैं भी स्लो हो गया. उसके बाद तीन-चार बार टच में रहा मैं उसके
कटारे: इंदर वही इंदर वही इंदर की बात कर रहे हो न मेरे पार्टनर हैं
विक्रमजीत: हां पार्टनर हैं
इस बीच विक्रमजीत का एक फोन आता है तो विधायक कहते है बंद कर दो ना उसे
कटारे: हां
विक्रमजीत: मैंने उससे बात की, फिर मामला बहुत ही उलझाने वाला था.
कटारे: मेरे नंबर पर लगा लेते, सीधे फोन लगा लेते
विक्रमजीत: मेरे पास आपका नंबर था नहीं और आज तक की एंड ऑफ डेट थी तो फिर मैंने बाद में गिरीश भाई से बात की. मैंने कहा कि क्या करें, बताओ भाई आज सभा थी सीएम साहब की कोलारस में
कटारे: आज
विक्रमजीत: कल रामेश्वर और अरविंद जी आ रहे हैं, इस मामले को थोड़ा भुनाने के लिए
कटारे: उन्हें मालूम है
विक्रमजीत: मालूम नहीं है, मालूम होना था
कटारे: अभी पता है कि नहीं
विक्रमजीत: अभी नहीं पता
कटारे: अच्छा मुझे एक बात सही-सही बताना
विक्रमजीत: हां
कटारे: अभी पता किस किस को है, बिल्कुल फैक्ट बताना
विक्रमजीत: बिल्कुल मैं झूठ नहीं बोलूंगा, अभी एक, दो तीन और चौथा आरएन सिंह इंदर भाई से बात जरूर हुई तीन चार बार बात हुई और मुझे मिलना है आपसे गिरीश भाई को भी पता है.
कटारे: और किसी को
विक्रमजीत: नहीं इसके बारे में और किसी को नहीं पता ईमानदारी से
कटारे: मतलब यह पक्की बात है ना
विक्रमजीत: मैं बहुत जुबान वाला आदमी हूं, बिल्कुल पक्की बात है, चूंकि मामला मेरे पास इसलिए आया था आप इसे विश्वास भाई के पास ले जाओ या रामेश्वर के पास ले जाओ और कैच करा ले जाओ मैंने यही बात इनसे बोली .

हालांकि नवभारत सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो की पुष्टि नहीं करता

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