India vs WIपोर्ट ऑफ स्पेन, 4 जुलाई. कैरेबियाई जमीन पर त्रिकोणीय सीरीज के पिछले दोनों मुकाबलों में औंधे मुंह गिरने के बाद अब भारत के लिए ‘करो या मरो’ की स्थिति पैदा हो गई है.

हाल ही में चैंपियन का खिताब हासिल करने के बाद अब इस सीरीज में खराब प्रदर्शन के कारण बाहर होने का खतरा झेल रही टीम इंडिया को शुक्रवार को यहां वेस्टइंडीज के प्रहारों का डटकर सामना करना होगा. टीम इंडिया ने त्रिकोणीय सीरीज में अपने पिछले दोनों मैच शर्मनाक तरीके से गंवा दिए हैं जिसके बाद उसके चैंपियन होने पर ही शक होने लगा है.

ऐसे में आलोचनाओं का शिकार हो रही टीम इंडिया को टूर्नामेंट में बने रहने के लिए वेस्टइंडीज को मात ही नहीं देनी होगी बल्कि श्रीलंका के भी हारने की कामना करनी होगी. भारतीय टीम ने अपना पहला मैच वेस्टइंडीज से मात्र एक विकेट से गंवाया था जबकि दूसरा मैच श्रीलंका से 161 रनों के भारी अंतर से हारा है. टीम के पास इस समय अंकतालिका में कोई अंक नहीं है इसलिए अब उसे अपने शेष दोनों मैचों को हर हाल में जीतना होगा.

महेंद्र सिंह धोनी के चोटिल होने के कारण कप्तानी संभाल रहे विराट कोहली लगभग दोनों ही मैचों में विफल रहे हैं. मैदान पर अपनी आक्रामकता के लिए पहचाने जाने वाले विराट न तो बल्लेबाजी में कमाल कर पा रहे हैं और न ही कप्तान की भूमिका में. श्रीलंका के खिलाफ दूसरे मैच में पहले क्षेत्ररक्षण करने के उनके निर्णय की तो खासतौर पर आलोचना हुई है जिसने टीम को 161 के भारी अंतर से हारने का ‘तमगा’ दे दिया है.

चैंपियन्स ट्रॉफी में गेंदबाजी, बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण में कमाल दिखाने वाली विजेता टीम कैरेबियाई जमीन पर तीनों ही विभागों में फेल साबित हो रही है. श्रीलंका के खिलाफ मैच में न सिर्फ टीम का बल्लेबाजी क्रम 349 के लक्ष्य के सामने 187 के स्कोर पर ध्वस्त हो गया बल्कि गेंदबाजों ने रन लुटाने में कोई कसर नहीं छोड़ी.

हालांकि अब भी टीम इंडिया के पास उम्मीद की किरण बची हुई है जिसके भरोसे वह टूर्नामेंट में वापसी कर सकती है. बल्लेबाजी में विस्फोटक ओपनर रोहित शर्मा, शिखर धवन, सुरेश रैना, विराट कोहली, ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा, मुरली विजय, दिनेश कार्तिक धोनी की जगह आए अंबाती रायुडू सरीखे बेहतरीन खिलाड़ी टीम इंडिया में मौजूद हैं. प्रदर्शन के साथ-साथ रणनीति में सुधार और फोकस की बदौलत ये खिलाड़ी मैदान पर मैच का रूख किसी भी समय बदलने में सक्षम हैं.

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