चुनावी साल में मंत्रिमंडल का विस्तार कामकाजी से ज्यादा राजनैतिक स्थितियां सम्हालने का ज्यादा होता है. श्री नारायण सिंह कुशवाहा को मंत्री और बालकृष्ण पाटीदार व जालिम सिंह पटेल को राज्यमंत्री बनाया गया, साथ ही एक शगूफा भी छोड़ दिया कि मंत्रिमंडल में अभी एक विस्तार और होगा.

इस विस्तार से जो लोग अपने को छोड़ दिया मानकर असंतुष्टï या रुष्टï हैं वे इस इंतजार में बैठे रहेंगे कि शायद अगले विस्तार में उन्हें ले लिया जाए. मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह लगातार तीन बार जीत की हैट्रिक लगा चुके हैं और यह स्वाभाविक ही है कि वे चौथी बार भी पार्टी को जिताना और मुख्यमंत्री बने रहना चाहेंगे.

तीन बार की पराजय के बाद कांग्रेस इस बार कुछ दृढ़ता के साथ चुनाव मैदान में आयेगी. पंजाब में मुख्यमंत्री श्री अमरेंद्र सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस की सत्ता में वापसी और गुजरात में प्रधानमंत्री के गृह राज्य गुजरात में स्थिति उसका उत्साह बढ़ा रही है.

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