एफआईआर के आश्वासन पर हुआ अंतिम संस्कार

विशेष प्रतिनिधि
भोपाल,

मध्यप्रदेश की एक बेटी प्रीति रघुवंशी को इसलिए आत्महत्या करना पड़ी कि उसने मंत्री पुत्र गिरिजेश प्रताप सिंह से विवाह तो कर लिया था लेकिन उसे वास्तविक पत्नी का दर्जा देकर अपनाया नहीं जा रहा था. इस हाईप्रोफाइल मामले में यदि आरोपी आम व्यक्ति होता तब भी क्या पुलिस कार्रवाई में इतनी ही सुस्ती दिखाती? यह सवाल प्रदेश के नागरिकों में आम चर्चा का विषय बना हुआ है.

जैसा कि विदित है, प्रीति के पिता चंदनसिंह रघुवंशी ने पुलिस और मीडिया के सामने अपनी बिटिया की आत्महत्या के पीछे मंत्री पुत्र को जिम्मेदार ठहराया है। मध्यप्रदेश पूरे देश में इसलिए भी जाना जाता है कि यहां ‘लाड़ली लक्ष्मी’ की चिंता को देश के अन्य हिस्सों में भी आत्मसात किया जा रहा है.

तब सवाल यह उठता है कि कैसे एक लडक़ी को शादी करने के बाद पुन: मायके में रखा जा सकता है और कैसे सरकार के एक मंत्री का परिवार अपने शादी-शुदा बेटे की फिर फलदान की रस्म कर देता है? पिता का आरोप तो यही है कि बिटिया पर पूरा परिवार दबाव डाल रहा था कि वह दूसरी जगह शादी कर ले. बिटिया को और परिजनों को मंत्री परिवार की ओर से प्रताडि़त किए जाने का आरोप भी दु:खी पिता लगा रहा है.

इस मामले में अभी तक बड़ी कार्रवाई न होना और पिता द्वारा आरोपित के मंत्री पुत्र होने के कारण अकेले मंत्री परिवार नहीं अपितु पूरे उस सिस्टम पर सवाल उठ रहे हैं जो मध्यप्रदेश में बिटिया के अधिकारों की रक्षा की बड़ी-बड़ी बातें करने से पीछे नहीं हटता है.

मध्यप्रदेश की जनता इसे इस रूप में देख रही है कि यदि बिटियाओं की आत्महत्या के पीछे इस तरह सुस्त कार्रवाई चलती रही तो ‘बेटियां पावन दुआएं, बेटियां शुभकामनाएं और बेटिया वेदों की ऋचाएं’ कैसे संरक्षित और सुरक्षित रह पाएंगी?

आत्महत्या मामले में जांच होगी: सीएम

लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह की कथित बहू की आत्महत्या के मामले में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कहा कि मामले की जांच होगी. चौहान ने आज यहां संवाददाताओं के इससे जुड़े सवालों पर अपने संक्षिप्त उत्तर में कहा कि मामले में जांच होगी.

गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि युवती ने अपने सुसाइड नोट में किसी पर आरोप नहीं लगाए हैं, मामले में पुलिस जांच कर रही है, जांच में मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्यवाही होगी. प्रीति रघुवंशी के परिजनों ने आज पोस्टमार्टम के बाद उसका शव लेने से इंकार कर दिया था. बाद में एफआईआर के आश्वासन के बाद शव लेकर उसका अंतिम संस्कार किया.

पिता ने लगाई सुरक्षा की गुहार

लोक निर्माण विभाग के मंत्री रामपाल सिंह की बहू प्रीति सिंह रघुवंशी के पिता चंदन सिंह रघुवंशी ने प्रशासन से जान माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है. थाना प्रभारी को भेजी गई शिकायत में कहा है कि 17 मार्च को उसकी बेटी ने आत्महत्या कर ली है, लेकिन इसके बाद उसके पति गिरिजेश सिंह और पिता लोक निर्माण विभाग मंत्री रामपाल सिंह अपने रसूख के चलते भविष्य में किसी तरह की अनहोनी घटना को क्रियान्वित करा सकते हैं. चूंकि मैं अस्पताल में नौकरी करता हूं और मेरे भतीजे भोपाल शहर में पढ़ाई कर रहे हैं, इसलिए इस बात की संभावना अधिक है, आवश्यकता है कि सभी की सुरक्षा के जरूरी प्रबंध किए जाएं.

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