रोटोमैक पर सीबीआई के बाद ईडी ने भी दर्ज किया केस, 3,695 करोड़ की चपत

खास बातें

  • न मूलधन और न ही ब्याज चुकाया
  • कोठारी ने 7 बैंकों से 2919 करोड़ की अवैध निकासी की
  • कानपुर में कोठारी के कई ठिकानों पर छापेमारी
  • कोठारी, उनके बेटे और पत्नी से भी पूछताछ

नई दिल्ली,

रोटोमैक पेन कंपनी के मालिक विक्रम कोठारी के खिलाफ लोन फ्रॉड के मामले में सीबीआई के बाद ईडी ने भी मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर लिया है.

अब तक बाताया जा रहा था कि यह घोटाला 800 करोड़ रुपये का है, लेकिन केस दर्ज होने के बाद चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है कि सरकारी बैंकों को 3,695 करोड़ रुपये की चपत लगी है.

सीबीआई के मुताबिक रोटोमैक के मालिक ने 7 बैंकों से 2919 करोड़ रुपये की अवैध निकासी की. अब उन्हें ब्याज सहित 3,695 करोड़ रुपये बैंकों को चुकाना है. रविवार रात केस दर्ज करने के बाद सीबीआई टीम ने कानपुर में कोठारी के कई ठिकानों पर छापेमारी की. सीबीआई ने कोठारी, उनके बेटे और पत्नी से भी पूछताछ की है.

सीबीआई के प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने बताया कि इस केस में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है. रविवार को सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर को देखने के बाद ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट (पीएमएलए) के तहत मुकदमा दर्ज किया है.

ईडी अधिकारी ने बताया कि यह इस बात की जांच की जाएगी कि बैंक धोखाधड़ी से हासिल रकम की लॉन्ड्रिंग तो नहीं की गई. यदि आरोपी ने इस फंड का इस्तेमाल अवैध संपत्ति या ब्लैक मनी के लिए किया गया तो कार्रवाई की जाएगी.

सीवीसी ने रिपोर्ट मांगी

सीवीसी ने सोमवार को पीएनबी और वित्त मंत्रालय से पूछा है कि मौद्रिक नियमों के होते हुए 11,300 करोड़ रुपये का घोटाला कैसे हो गया? सीवीसी ने कहा है कि उन्हें 10 दिनों के अंदर इससे जुड़ी रिपोर्ट चाहिए.

रात एक बजे ही सीबीआई टीम विक्रम कोठारी के तिलक नगर स्थित घर पहुंची. रात में लगभग 1 बजे विक्रम कोठारी का घर खंगाला गया. पुलिस ने उनके घर में मौजूद सभी लोगों से पूछताछ की. इस बीच सीबीआई ने कोठारी के खिलाफ मामला दर्ज किया है. कानपुर निवासी विक्रम कोठारी पर आरोप है कि उन्होंने इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया समेत कई सरकारी बैंकों से लोन लिया. लोन लेने के साल बाद उन्होंने ना तो मूलधन चुकाया और ना ही उस पर बना ब्याज बैंक को दिया.

7 बैंक जिन्हें रोटोमैक ने धोखा दिया वे हैं, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, इंडियन ओवरसीज बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक और ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स. अरबपति जूलर नीरव मोदी और मेहुल चौकसी द्वारा पंजाब नैशनल बैंक में 11,300 करोड़ रुपये के घोटाले का पर्दाफाश होने के बाद यह दूसरा बड़ा बैंकिंग घोटाला सामने आया है.

सीबीआई सूत्रों ने बताया कि बैंक ऑफ बड़ौदा की शिकायत पर रोटोमैक ग्लोबल, उसके डायरेक्टरों-विक्रम कोठारी, साधना कोठारी, राहुल कोठारी और अज्ञात बैंक अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. इस शिकायत में आरोप लगाया गया था कि साजिशकर्ताओं ने 2919 करोड़ देने वाले सात बैंकों को धोखा दिया.

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