भोपाल,

मध्यप्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा और राजधानी भोपाल के एक अतिव्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र में एक छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मुद्दे पर कांग्रेस के जबर्दस्त हंगामे के बीच विधानसभा की कार्यवाही आज चार बार थोड़े-थोड़े अंतराल के लिए स्थगित होने के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।

महिला सुरक्षा के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से चर्चा की मांग पर अड़े कांग्रेस विधायकों के लगातार हंगामे और नारेबाजी के बीच ही आसंदी पर आसीन सभापति कैलाश चावला ने कार्यसूची में शामिल लगभग सभी औपचारिक कार्य पूरे कराए। इस बीच कांग्रेस सदस्य लगातार आसंदी के पास आकर नारेबाजी करते रहे।

सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित होने के बाद विपक्षी विधायक नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह की अगुवाई में विधानसभा परिसर में गांधी प्रतिमा के पास धरने पर बैठ गए।इसके पहले सदन की कार्यवाही शुरु होते ही कांग्रेस के मुख्य सचेतक रामनिवास रावत ने महिला सुरक्षा और एक छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला उठाते हुए स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से चर्चा कराए जाने की मांग की।

कांग्रेस विधायक डॉ गोविंद सिंह समेत अन्य विधायकों ने भी उनका समर्थन किया। विपक्षी सदस्य अपनी मांग के समर्थन में आसंदी के करीब पहुंच गए। इसी बीच अध्यक्ष डॉ सीतासान शर्मा ने प्रश्नकाल चलने देने का निर्देश दिया, लेकिन हंगामा जारी रहने के कारण सदन की कार्यवाही दो बार 10-10 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

सदन के समवेत होने पर अध्यक्ष डॉ शर्मा ने इस मुद्दे पर किसी न किसी रुप में चर्चा कराए जाने का आश्वासन दिया, लेकिन मुख्य विपक्षी दल स्थगन प्रस्ताव की मांग पर डटा रहा। इसी बीच प्रश्नकाल में मात्र दो प्रश्नों पर चर्चा हो सकी।

सरकार की ओर से राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि सरकार इस बारे में विधेयक ला रही है और उस पर चर्चा के दौरान इस मुद्दे पर बात हो सकती है। वहीं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि स्थगन सूचना घटना विशेष पर आती है, इस घटना के आरोपी गिरफ्तार हो गए हैं, सरकार अब विधेयक भी ला रही है। उन्होंने विपक्ष पर अन्य मुद्दों पर चर्चा से भागने का भी आरोप लगाया।

इसके बाद भी हंगामा नहीं थमता देख अध्यक्ष डॉ शर्मा ने कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। सदन समवेत होने पर विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ राजेंद्र कुमार सिंह ने कार्यवाही और आधे घंटे के लिए स्थगित किए जाने की घोषणा की।

चौथी बार सदन की कार्यवाही शुरु होने पर सभापति श्री चावला ने कार्यसूची में शामिल लगभग सभी औपचारिक कार्यों को निपटाया। इस दौरान भी कांग्रेस के सदस्य लगातार आसंदी के पास आकर नारेबाजी करते रहे। भारी हंगामे के बीच श्री रावत ने अपना स्थगन प्रस्ताव पढ़ना शुरु कर दिया।

कार्यसूची में शामिल श्री रावत के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा का समय आने पर मंत्री श्री गुप्ता ने उनसे किसानों से जुड़े अपने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा करने का आग्रह किया, लेकिन श्री रावत महिला सुरक्षा पर चर्चा की अपनी मांग दोहराते रहे। जबर्दस्त हंगामे के बीच ही वित्त मंत्री जयंत मलैया ने 2017-18 के लिए द्वितीय अनुपूरक बजट भी पेश किया।

लगातार शोरगुल के बीच सभापति श्री चावला ने सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी, जिसके बाद कांग्रेस सदस्य बाहर आकर अपनी मांग के समर्थन में धरने पर बैठ गए।

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