नई दिल्ली,

समाजसेवी अन्ना हजारे ने गुरुवार को रामलीला मैदान में अपना अनशन तोड़ दिया. केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने अनशन स्थल पर पहुंचकर अन्ना को सरकार की तरफ से उनकी मांगों को पूरी करने का आश्वासन दिया.

इसके बाद अन्ना ने सातवें दिन अपना अनशन तोडऩे का ऐलान किया. बता दें कि लोकपाल और राज्यों में लोकायुक्तों की नियुक्ति के अलावा अन्ना हजारे ने अपनी विभिन्न मांगों के चलते 23 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में बेमियादी भूख हड़ताल शुरू की थी. भारतीय किसान यूनियन समेत देश के कई दूसरे किसान संगठनों ने अन्ना के इस आंदोलन को समर्थन दिया. अन्ना ने कहा था कि जब तक उनके शरीर में प्राण हैं, वह अनशन खत्म नहीं करेंगे.

अन्ना के इस अनशन में उनके पुराने सहयोगी अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया नहीं आए थे. दरअसल, अन्ना ने राजनीतिक लोगों को इस अनशन से दूर रहने को कहा था. गौरतलब है कि अन्ना ने 11 मांगें उठाई थीं. सरकार ने ज्यादातर मांगों को मान लिया है.

अनशन तोडऩे के बाद अन्ना ने कहा, सरकार ने किसानों से संबंधित सभी मांगें मान ली है. अभी लोकपाल और राज्यों में लोकायुक्त का गठन नहीं हुआ है. सरकार ने हमें 6 महीने का समय मांगा है.

हम उन्हें समय देते हैं. सरकार ने हमारी मांगों को पूरी करने का आश्वासन दिया है. महाराष्ट्र के सीएम फडणवीस कह रहे हैं कि वह 6 महीने से पहले ही हमारी मांगों को पूरी करने की कोशिश करेंगे. इस आंदोलन में शामिल सभी संगठनों का धन्यवाद.

फडणवीस पर चला जूता

दिल्ली के रामलीला मैदान में एक शख्स ने गुरुवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की तरफ जूता उछाल दिया. हालांकि जूता फडणवीस को नहीं लगा. पुलिस ने जूता फेंकने वाले शख्स को हिरासत में ले लिया है. वाकया उस वक्त का है जब फडणवीस समाजसेवी अन्ना हजारे का आमरण अनशन खत्म कराने पहुंचे थे. स्टेज पर फडणवीस बोल रहे थे, तभी अचानक एक शख्स ने उनकी ओर जूता उछाल दिया.

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