माले,

मालदीव के राष्ट्रपति अब्दुला यामीन ने आज देश में 15 दिनों की अवधि के लिए आपातकाल की घोषणा की।इस बीच उनके सहयोगियों का कहना है कि यह सरकार को गिराने का प्रयास है।इससे पहले श्री यामीन ने जेल में बंद विपक्ष के नौ नेताओं को छोड़ने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले की अवज्ञा की थी।

विधि मामलाें के मंत्री अजीमा शकूर ने एक टेलीविजन संबोधन में आपातकाल की घोषणा की ।इसमें कहा गया है कि यदि किसी न्यायाधीश की गिरफ्तारी से संबंधित कोई मामला है तो इस अवधि में उन्हें विशेषाधिकार प्राप्त नहीं होंगे।

राष्ट्रपति कार्यालय ने आपातकाल के संबंध में एक बयान जारी करते हुए कहा ‘ कुछ निश्चित अधिकारों को प्रतिबंधित किया गया है।लेकिन लोगों के सामान्य आवागमन, सेवाओं और कारोबार पर इसका कोई असर नहीं होगा।मालदीव की सरकार सभी देशवासियों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आश्वस्त करना चाहती है कि मालदीव के सभी नागरिक और यहां रह रहे या प्रवास पर आए विदेशियों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा।’

इस बीच विपक्षी विधायक इवा अब्दुला ने कहा कि आपातकाल लगाने की हाल ही की घोषणा राष्ट्रपति यामीन की हताशा का परिचायक है।उन्होंने कहा यह केवल एक ऐसे व्यक्ति के बारे में संकेत देता है जिसे मालदीव की जनता और स्वायत संस्था का विश्वास हासिल नहीं है।उन्हें शासन चलाने का कोई लोकतांत्रिक जनादेश नहीं है और तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।

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