मध्यप्रदेश के मौसम में एकाएक सर्दी बढ़ गयी है. उत्तरी हिमालयी राज्यों में लगातार भारी हिमपात हो रहा है और उसके प्रभाव की शीत लहरों ने मध्यप्रदेश के मौसम को ही बहुत ठंडा कर दिया है.

ठंडी हवायें 14-15 किलोमीटर की रफ्तार से बह रही है. बादल छा रहे हैं और सूर्य की रोशनी न होने में दिन का तापमान भी रात के तापमान के समान 16-18 डिग्री के आसपास पहुंच गया है. सर्दी में फसलों को कोई नुकसान नहीं है बल्कि बहुत फायदा हो रहा है. लेकिन अभी भरपूर मावठा तो गिरा नहीं है लेकिन बूंदा-बांदी से उसने आने की दस्तक दे दी है.

राजधानी के आसपास के जिलों में विदिशा, सीहोर, रायसेन, बैतूल में वहां सर्दी कड़ाके की हो गयी वहीं कुछ हल्की बारिश भी हो गयी. मावठा दिसम्बर के अंत और जनवरी के प्रारंभ में काफी लाभदायक रहता है.

लेकिन इस बार फरवरी का मावठा उन फसलों के लिए ठीक है जिनकी बोहनी देर से हुई है. लेकिन चना व मसूर में दाना आ चुका है. गेहूं की बालें भी आ गयी हैं. इन पर मावठा की वर्षा हो गयी तो यह फसल ही बेकार हो जायेगी. बसंत पंचमी के समय से आमों में भी बौर आ गये हैं- मावठा की वर्षा से बौर भी झड़ जायेंगे.