काहिरा,

मिस्र की एक सैन्य अदालत ने चर्च पर घातक बम हमले करने के 36 आरोपियों को मृत्युदंड की सजा दिये जाने पर विचार करने के लिये उनका नाम देश की शीर्ष धार्मिक संस्था के पास भेजा है।सरकारी टेलीविजन ने आज इस बात की जानकारी दी।

सभी 36 आरोपियों पर काहिरा के कॉप्टिक कैथेडरल समेत तीन कॉप्टिक चर्चाें पर हुये हमलों में शामिल होने का आरोप है।

इन हमलों में दिसम्बर 2016 में काहिरा के कॉप्टिक कैथेडरल चर्च पर हुआ हमला भी शामिल है जिसमें कम से कम 25 लोगोंं की मौत हो गयी थी।इस्लामिक स्टेट ने इन सभी हमलों की जिम्मेदारी ली थी।

मिस्र के कानून के मुताबिक अंतिम फैसले से पहले अदालत मृत्युदंड की सजा वाले मामलों को विचार के लिये मुफ्ती के पास भेजती है।यद्यपि मुफ्ती का फैसला बाध्यकारी नहीं होता।इन मामलों से जुड़े एक वकील ने बताया कि अदालत इस मामले में 15 मई को अपना अंतिम फैसला सुनायेगी।

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