नयी दिल्ली,

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज राज्यसभा के सदस्यों को विदाई देते हुए कि संसदीय लोकतंत्र में उनके योगदान की सराहना की लेकिन इस बात पर अफ़सोस जताया कि वे रिटायर होने के कारण तीन तलाक विधेयक को पारित करने में अपनी भूमिका से वे वंचित रह गए।

श्री मोदी ने आज सुबह राज्यसभा में सदन की कार्यवाही शुरू होने पर 40 से अधिक सदस्यों के विदाई समारोह में अपने उद्गार व्यक्त करते हुए यह अफ़सोस जाहिर किया। उन्होंने कहा कि ये सदस्य चाहते थे कि तीन तलाक़ विधेयक पर चर्चा के दौरान वे भाग लें लेकिन सदन की गलती के कारण यह संभव नहीं हो सका।

उन्होंने राज्यसभा के उप सभापति प्रो. पीजे कुरियन को विशेष रूप से विदाई देते हुए कहा कि हर कोई श्री कुरियन के मुस्कराते चेहरे को याद करेगा। उनकी इस बात के लिए तारीफ़ की जानी चाहिए कि वे हंगामे में भी सदन चलाने का प्रयास करते रहे।

उन्होंने कहा कि राज्यसभा वरिष्ठ सदस्यों का उच्च सदन है और यह नीति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उन्होंने विदाई समारोह में सदस्यों को शुभकामनाये देते हुए कई सदस्यों का नामोल्लेख भी किया। श्री मोदी ने सदस्यों से ये भी कहा कि रिटायर होने के बाद भी उनके लिए प्रधानमंत्री कार्यालय के दरवाज़े खुले हुए हैं और वे महत्वपूर्ण मुद्दों पर मुझे सुझाव दे सकते हैं और अपने विचारों से अवगत करा सकते हैं।

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