होसकोटे, कर्नाटक

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कर्नाटक चुनाव में जुबानी जंग जारी रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि बी एस येद्दियुरप्पा में कौन सी ऐसी योग्यता है जिसके आधार पर उन्हें मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया।

श्री गांधी ने आज यहां एक सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री से सवाल किया, “श्री येद्दियुरप्पा में मुख्यमंत्री बनने के लिए क्या योग्यता है। जब आप भ्रष्टाचार के जड़ से मिटाने की बात करते हैं तो आपने उनका चुनाव कैसे किया?”

उन्होंने कहा कि चुनावी सभा में श्री मोदी कहते हैं कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं लेकिन एक तरफ भ्रष्टाचार के मामले में जेल गए श्री येद्दियुरप्पा तथा दूसरी तरफ 35 हजार करोड़ रुपये की देश की खनिज संपदा की लूट करने वाले रेड्डी बंधुओं के बीच में मंच पर बैठते हैं।

उन्होंने पूछा, “एक व्यक्ति जो भ्रष्टाचार को मिटाने की बात करता है वह ऐसे लोगों के बीच में क्यों बैठता है? यह दर्शाता है कि वह उन लोगों का समर्थन करता है। भाजपा में दंडित हुए रेड्डी भाइयों को आठ टिकट क्यों दिए हैं? यह दर्शाता है कि पार्टी सत्ता में आने पर उन्हें फिर से राष्ट्रीय संपत्ति को लूटने की इजाजत देगी?”

उन्होंने कहा, “श्री येद्दियुरप्पा में सिर्फ एक योग्यता दिखती है कि उन्होंने लुटेरों से धन संग्रहित किया और श्री मोदी को प्रचार के लिए भेजा।”

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कर्नाटक 12वीं सदी के संत तथा सामाज सुधारक श्री बासवन्ना के उपदेशों तथा स्व. इंदिरा गांधी, पूर्व मुख्यमंत्री और दलित नेता देवी डी देवराज उर्स के सिद्धांतों का पालन करने वाला राज्य है।”

उन्होंने कहा, “कर्नाटक के लोगों को निर्णय लेना चाहिए कि उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), भाजपा तथा राष्ट्रीय सम्पत्ति को लूटने वालों को प्रोत्साहित करने वाले लोगों का समर्थन करना है या विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने और गरीबों तथा निचले तबके के लोगों के उम्मीदों को पूरा करने वाली सरकार को सत्ता में लाना है।”

उन्होंने कहा कि श्री सिद्दारमैया के नेतृत्व में कांग्रेस ने जाति और धर्म का भेदभाव किये बिना सभी वर्गों के लिए समान रूप से काम किया है।

श्री गांधी ने कहा कि पिछले पांच सालों में कर्नाटक में इसलिए विकास हुआ क्योंकि महिलाओं, किसानों तथा मजदूरों को सामान्य रूप से महत्व दिया गया। उन्होंने कहा, “राज्य की प्रगति के लिए महिलाओं, किसानों, छात्रों तथा मजदूरों को मजबूत बनाना जरूरी है। हम लोग लुटेरों तथा भ्रष्टाचार को प्रोत्साहित नहीं करेंगे।”