कुछ समय पहले एक वाशिंग पाउडर के विज्ञापन में लेडी मॉडल ने उसकी दाग मिटाने की खूबी के बारे में जिस अदा और अदाकारी से ‘ढूंढते रह जाओगे’ कहा था जो लोगों के जहन में भी उतर गया और बोलचाल की भाषा के चलन में भी आ गया.

इन दिनों देश में सभी जगह शिक्षा में पढ़ाई और एडमिशन की तथा नौकरियों में भर्ती की परीक्षाओं में जो भयंकर भ्रष्टाचार सभी स्तरों पर आ चुका है उससे तो अब योग्यताओं के बारे में यह कहना ही पड़ेगा- ‘ढूंढते रह जाओगे.’ और कहीं मिलेगी नहीं. वह लापता हो चुकी है.

कभी परीक्षाओं में छात्र छुपाकर पर्चियां ले जाते थे. उसके बाद ट्यूशन पढ़ाने वाले टीचर अपने छात्र को या तो पेपर आऊट कर देते थे या नकल करा देते थे. बुराईयां और बीमारियां यदि प्रारंभ में ही ठीक न की जाएं तो बड़ी तेजी से फैलती हैं और घातक हो जाती हैं. इन दिनों देश में शिक्षा, भर्ती व चयन की परीक्षाएं घातक स्तर तक पहुंच गयी हैं. अब यह व्याधि छात्रों तक सीमित नहीं रही.

अब अनेकों ऐसे स्कूल चल गये हैं जो नकल और पास कराने का ठेका भारी रकम वसूल करते हैं. बात अब निजी स्कूल-कालेजों तक सीमित नहीं है बल्कि शासकीय और उच्च अधिकारी स्तर पर जिसमें सरकारी व किसी मेडिकल व इंजीनियरिंग कालेजों के उच्च अधिकारी भी इसे संगठित उद्योग की तरह चलाते रहे.

व्यापमं ने तो प्री मेडिकल टेस्ट में मेरिट की टॉप पोजीशन भी भारी रकम लेकर बेच दी. हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट को यह कहना पड़ा कि व्यापमं. के भ्रष्टाचार ने लाखों योग्य नौजवानों को अयोग्य कर उनका कैरियर खत्म कर दिया और अयोग्य छात्रों को योग्य और नौकरी भर्ती में अयोग्य को भर्ती करवा दिया. हजारों योग्य व्यक्तियों को नौकरी नहीं मिली.

अभी खबर आयी है कि केंद्र सरकार सेंट्रल बोर्ड आफ सेकेण्ड्री एजुकेशन की परीक्षा में 10वीं का मैथ्स और 12वीं का इकोनोमिक्स का पर्चा लीक हो गया. मामला उस समय उजागर हुआ जब दिल्ली के शिक्षा मंत्री श्री मनीष सिसोदिया के हाथ लीक हुआ पेपर आ गया. विक्की नाम का एक कोचिंग चलाने वाला व्यक्ति पकड़ा गया.

यह मैथ्स व इकोनोमिक्स की ही कोङ्क्षचग करता है. केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री श्री जावडेकर व प्रधानमंत्री श्री मोदी भी चिंतित हो गये, 28 लाख छात्रों का भविष्य बिगड़ रहा है. अब फौरन यह तय किया गया एक हफ्ते में ही इन दो पेपर की परीक्षा पुन: हो जायेगी.लेकिन अब इस सबसे हैरानी भी नहीं होती है- यह सब रूटीन हो गया है. बिहार में बोर्ड की परीक्षा में ‘टॉपर’ घोटाला हो गया- तो ‘टॉप’ पोजीशन एक लडक़ी व एक लडक़े को बेच दी थी.

कई वर्षों पूर्व दिल्ली में ही यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन की सिविल सर्विस परीक्षा (आईएएस) का अर्थशा का पर्चा परीक्षा तारीख से पहले लोगों में बेचा गया- जांच में पाया वह पर्चा वही था- जो परीक्षा में आने वाला था. इसे पटना के प्रेस में छपवाया गया था और प्रेस वाले उसे बेचकर लाखों कमा लिये. पंजाब में स्टेट पब्लिक सर्विस कमीशन के चेयरमेन ही पकड़े गये और पता चला कि वे कई वर्षों से चयन परीक्षा के पेपर बेच रहे थे. मुम्बई में रेलवे सिलेक्शन बोर्ड के चेयरमेन का बेटा रेलवे परीक्षा के पेपर्स बेचता पकड़ा गया.

मध्यप्रदेश में व्यापमं. का कलंक चल ही रहा है और अब मध्यप्रदेश लोकसेवा आयोग की परीक्षाओं में भी घपला सामने आ गया. इसी 28 मार्च को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने मध्यप्रदेश लोक सेवा में हुई कथित गड़बडिय़ों के चलते प्रारंभिक परीक्षाओं के रिजल्ट पर रोक लगा दी.

छात्रों ने आयोग व मुख्यमंत्री तक इसमें घपलेबाजी को बताया पर दोनों जगह कुछ नहीं हुआ और मामले पर हाईकोर्ट ने कार्यवाही की है. 18 फरवरी को हुई परीक्षा में कई गड़बडिय़ां हुईं. माडल आंसर शीट में भी गड़बड़ी थी.देश में भ्रष्टाचार के चलते अयोग्यता आगे आ गयी और योग्यता गुम हो रही है.

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