thavar chand gehlotनयी दिल्ली 19 जून. योग को धर्म से जोडऩे के कुछ लोगों के प्रयासों को पूरी तरह अनुचित ठहराते हुये केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने आज कहा कि योग शारीरिक व्यायाम की एक पद्धति है और इसे धार्मिकता से कतई नहीं जोडऩा चाहिये.

श्री गहलोत ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से कहा, योग स्वास्थ्य की दृष्टि से शारीरिक व्यायाम की एक पद्धति है और इसे धार्मिकता से जोडऩे की कतई आवश्यकता नहीं है. दुनिया के 177 देशों ने, जो संयुक्त राष्ट्र के सदस्य भी हैं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने के प्रस्ताव को अपनी सहमति दी है और वे सभी देश 21 जून को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग दिवस का आयोजन कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि भारत में योग की प्राचीन पद्धति रही है और यह वैज्ञानिक तौर पर साबित हो चुका है कि स्वस्थ रहने के लिये योग अत्यधिक लाभदायक है. इसी विचार को ध्यान में रखते हुये योग दिवस के कार्यक्रम में प्रत्येक देशवासी को सम्मिलित होना चाहिये.

श्री गहलोत ने कहा कि यह केंद्र सरकार की एक योजना है और जिस तरह पूरा देश अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की तैयारी कर रहा है, उसी तरह सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्रालय से जुड़े संस्थान और विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी इस कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे.

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