भोपाल को नंबर-1 बनाने की पहल,संभागायुक्त ने निगम आयुक्त दास को दिए एप बनवाने के निर्देश

भोपाल,

संभागायुक्त अजातशत्रु श्रीवास्तव ने कहा है कि स्वच्छता हम सब की आवश्यकता है और हमारे लिये गौरव की बात भी है. अत: हम सबको मिलकर स्वच्छता बनाते हुये अपने शहर को स्वच्छता में नंबर-वन बनाना है और इसके लिये हमें घरों से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे को क्रमश: हरे एवं नीले डस्टबिन में पृथक-पृथक रखना है साथ ही अपनी कॉलोनी व पार्कों में कम्पोस्ट यूनिट अनिवार्य रूप से स्थापित कराना है.

स्वच्छ भारत मिशन के तहत अपना फीडबैक अवश्य दर्ज कराना है ताकि हर अपने शहर को स्वच्छ सर्वेक्षण-2018 में प्रथम स्थान दिला सकें. यह विचार संभागायुक्त श्रीवास्तव ने स्वच्छ सर्वेक्षण-2018 में अपने शहर भोपाल को स्वच्छता के प्रथम पायदान पर लाने में सक्रिय सहयोग व स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत निर्धारित मापदंडों के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने के दृष्टिगत राजधानी के विभिन्न रहवासी संघों की बैठक में व्यक्त किये.

बैठक में कलेक्टर डॉ. सुदाम खाड़े ने कहा कि हमें कम से कम कचरा उत्पादन करना है. कचरे को जलाना वर्तमान और आने वाली पीढिय़ों के लिये अत्यंत घातक है. उन्होंने कहा कि हमें श्रमदान समयदान, रोको-टोको गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाना जरूरी है.

निगमायुक्त प्रियंका दास ने रहवासियों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का निराकरण किया जायेगा और उसके लिये आगामी 15 दिन में एक मोबाइल एप भी तैयार किया जायेगा जिसके माध्यम से नागरिकों की समस्याओं को जानकर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जायेगा.

साथ ही उन्होंने आगामी 10 फरवरी तक रहवासी परिसरों एवं पार्कों में कम्पोस्ट पिट स्थापित कराने वालों को नि:शुल्क तकनीकी सलाह एवं कलचर उपलब्ध कराया जायेगा.

बैठक में विभिन्न रहवासी संघों के पदाधिकारियों ने गीले-सूखे कचरे के लिये पृथक-पृथक कंटेनर रखवाने, स्वच्छता की व्यवस्था में व्यवधान उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करने के सुझाव दिये साथ ही घरों पर ही कचरे का पृथकीकरण करने, साफ-सफाई में सहयोग करते हुये स्वयं भी फीडबैक देने एवं अन्य नागरिकों को स्वच्छ सर्वेक्षता-2018 के तहत फीडबैक देने हेतु प्रेरित करने पर सहमति व्यक्त की.

संभागायुक्त ने निगमायुक्त प्रियंका दास को निर्देशित किया कि शीघ्र एक मोबाइल एप तैयार किया जाये जिस पर रहवासी अपनी शिकायतें दर्ज करायें और उनका निराकरण किया जाये. संभागायुक्त ने रहवासी संघों के पदाधिकारियों से कहा कि वे अपने स्मार्ट फोन पर स्वच्छ मेप एप डाउनलोड करें और इसका उपयोग साफ-सफाई संबंधी समस्याओं के निराकरण हेतु करें. एप के माध्यम से बताई गई समस्या का निराकरण अधिकतम 12 घंटे की अवधि में करा दिया जायेगा.

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