बिल्डरों के साथ साझेदारी पर भी नजर

अनिल शर्मा, ग्वालियर,

प्रदेश सरकार राजस्व मंडल को भारतीय प्रशासनिक सेवा के अफसरों के लिये आखिरी पदस्थापना का स्थान मानती है लेकिन जिस ढंग से राजस्व मंडल में आर्थिक अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं उससे पता लगता है कि यहां कुछ कर्मचारी करोड़ों के मालिक हैं. इतना ही नहीं आय से अधिक संपत्ति के साथ-साथ रियल स्टेट कारोबार में साझेदारी कर रहे हैं.

सूत्रों के अनुसार राजस्व मंडल में पदस्थ कुछ कर्मचारियों की शिकायत मुख्यमंत्री के साथ-साथ आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो और लोकायुक्त को की गयी है. इसमें प्रशासनिक अफसरों के निजी स्टाप में शामिल कर्मचारियों को कटघरे में खड़ा किया गया है और ईओडब्ल्यू को जानकारी दी गयी है कि हजारों रुपये का वेतन पाने वाले कर्मचारी कुछ ही सालों में करोड़ों के मालिक बन गये हैं.

इतना ही नहीं कुछ एजेंसियों के साथ-साथ बिल्डरों के साथ साझेदारी में भी नाम सामने आये हैं. यहां तक कि गुना, सीहोर, इंदौर और भोपाल में भी अचल संपत्ति जुटायी गयी है. ईओडब्ल्यू ने इस शिकायत को लेकर अब जांच शुरू कर दी है.

हालांकि जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक स्तर पर पूरे मामले की झानबीन करने के साथ-साथ प्रमाण जुटाये जा रहे हैं अगर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के तथ्य सामने आते हैं तो शासकीय सेवकों पर कार्रवाई होगी.

बताना होगा कि राजस्व मंडल में किसानों और बिल्डरों द्वारा खरीदी गयी जमीन के अलावा कई प्रकरणों में अपील पर फैसले बदलने के मामले सामने हैं जिनकी जानकारी जांच एजेंसियों को दी गयी है. इन फैसलों के पीछे आर्थिक स्वार्थ बताये जा रहे हैं जिनके चलते मंडल के तत्कालीन सदस्यों द्वारा दिये गये आदेशों को बदलने की भी प्रक्रिया हो रही है.

शासन करता है अनदेखा

राज्य शासन राजस्व मंडल में आर्थिक अनियमितताओं और अन्य मामलों की शिकायतों को अनदेखा करता रहा है लेकिन पिछले दिनों मंडल में पदस्थ एक आईएएस अफसर को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने के बाद प्रदेश के वरिष्ठï अधिकारियों ने माना कि रेवेन्यू बोर्ड में गड़बड़झाला चरम पर है और इसके लिये जांच पर सहमति बनी लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी. अब एकाएक अनियमितताओं की जांच के लिये एजेंसियां सक्रिय हुई हैं इससे माना जा रहा है कि कटघरे में आये कर्मचारियों को मुश्किल हो सकती है.

पांच साल में जुटाई करोड़ों की संपत्ति

राजस्व मंडल के कुछ कर्मचारियों ने बीते पांच साल में चल और अचल संपत्ति में न सिर्फ वृद्धि की है बल्कि अपने नेटवर्क को पूरे प्रदेश में फैलाया है. जमीन से लेकर भवन और व्यवसायिक उपयोग के कई इमारतों को खड़ा कर दिया. इतना ही नहीं साझेदारी पर व्यवसाय भी प्रारंभ किये गये.

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