पुलिस का यह रवैया क्यों?

भोपाल,

महिला उत्पीडऩ में जब आरोपी दबंग होता है तो पुलिस उसके खिलाफ कार्रवाई करने में हीले हवाले करती है. रायसेन जिले के उदयपुरा का प्रीति रघुवंशी आत्महत्याकांड इसकी ज्वलंत मिसाल है.

यहां आरोपी परिवार मंत्री रामपाल का है. मृतका रामपाल की पुत्रवधु थी. प्रीति की आत्महत्या के एक माह होने को आए हैं लेकिन परिजनों की शिकायत पर एफआईआर तक नहीं लिखी जा रही है.

पुलिस का यह रवैया कैसा कि माथा देखकर तिलक कर रही है? प्रीति की आत्मा को न्याय क्यों नहीं मिल पा रहा है? पुलिस मंत्री के दबाव में कुछ कर नहीं पा रही है और प्रीति के परिजन दर-दर भटकने को मजबूर हो रहे हैं. जबकि आरोपी सामान्य होता तो अभी तक कार्रवाई हो चुकी होती.

बेटी उत्पीडऩ मामलों में जब आरोपी सामान्य परिवार के होते हैं तो पुलिस त्वरित कार्रवाई कर उन्हें तत्काल गिरफ्तार करती है. मप्र की कुछ मिसाल…

1. रायसेन : थाना- सुल्तानगंज, सुनवाहा का जंगल
घटना – 13 अप्रैल, आरोपी- बृजेन्द्र सिंह ठाकुर निवासी सुनवाहा.
आरोपी पर धारा 376 आईपीसी का मामला दर्ज. इस मामले में पुलिस ने महज 4 घंटे में ही कथित आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी के लिए जमीन आसमान एक कर दिया है. यही मामला अगर किसी रसूखदार से जुड़ा होता तो मामला दर्ज होना तो दूर पुलिस सुनवाई में ही महीनों गुजार देती.

2. मंदसौर: नाहरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम खेड़ा कोयला में 30 मार्च को एक आदिवासी महिला के साथ बलात्कार के आरोपी शानू पिता गफ्फूर खान को पुलिस ने दूसरे दिन ही गिरफ्तार कर उसका जुलूस निकाला. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 366, 376, 506 सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है.

3. छिंदवाड़ा : थाना कोतवाली छेत्र के देवरे कॉलोनी में 7 मार्च को गुलाबरा निवासी 15 वर्षीय बालिका को छेत्र के सुभम मालवी, शेंकी जैन, गौरव रावत, और सुभम देसरिया बहला फुसला कर देवरे कॉलोनी ले गए थे. जहाँ चारों आरोपियों ने नाबालिग के साथ गैंग रेप किया था. शिकायत के बाद पुलिस ने उन्हें 24 घंटो के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

4. भोपाल : बैरागढ़ के कैम्प नंबर 12 में रहने वाली 30 वर्षीय युवती को प्रेम जाल में फंसाकर 4 माह तक आनंद नगर निवासी कैलाश उसके साथ दुष्कर्म करता रहा. बाद में लडक़ी द्वारा शादी का कहने पर आरोपी शादी की बात से मुकर गया. पीडि़ता 9 अप्रैल को बैरागढ़ थाने पहुंची. 13 अप्रैल को आरोपी कैलाश के खिलाफ रेप और उसकी माँ और भाई के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया. आरोपी गिरफ्त में है.

5. राजगढ़ : राजगढ़ जिले में 9 अप्रैल को दो युवतियों के अपहरण, दुष्कर्म का प्रकाश में आया. पुलिस ने दोनों युवतियों के आरोपियों को पांच दिन के अंदर न केवल पता लगा लिया बल्कि दोनो को न्यायिक हिरासत में जेल भी भेज दिया. थाना राजगढ़ में पुलिस ने एक आरोपी जिशान और दूसरे मामले में आरोपी गिरिराज तथा बलराम दांगी को विभिन्न धाराओं में गिरफ्तार किया.

6. सीधी: अमिलिया की रहने वाली युवती ने 13 अप्रैल को शिकायत की कि आरोपी कामता पिता तेजवली बंसल ने पिछले साल दशहरे के 6 दिन पहले दुष्कर्म किया और फिर शादी का प्रलोभन दिया. बाद में वह शादी से मुकर गया. युवती की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को 14 अप्रैल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.

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