नयी दिल्ली,

कठुआ और उन्नाव की बलात्कार की घटनाओं के विरोध और दोषियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने यहां आज आधी रात में कैंडल मार्च निकाला।

कांग्रेस मुख्यालय 24 अकबर रोड से शुरू हुए इस मार्च में श्री गांधी की बहन प्रियंका वाड्रा तथा उनके पति रोबर्ट वाड्रा भी शामिल हुए।मार्च में हिस्सा लेने वाले वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं में गुलाम नबी आजाद, अहमद पटेल, अंबिका सोनी, अशोक गहलोत, दिग्विजय सिंह, रणदीप सिंह सूरजेवाला तथा आरपीएन सिंह शामिल थे।मार्च में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं के अलावा अन्य लोग भी शामिल हुए।

श्री गांधी ने इस मौके पर संवाददाताओं से कहा कि यह मार्च राजनीति करने के लिए नहीं है, यह देश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों को रोकने के लिए है।उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे मामलों में कुछ नहीं कर रही है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को महिलाओं को बचाने के लिए तुरंत काम शुरू करना चाहिए।

मार्च का आयोजन मुख्य रूप से जम्मू कश्मीर के कठुआ में आठ वर्षीय बच्ची के साथ सामूहिक बलात्कार और फिर उसकी हत्या तथा उत्तर प्रदेश के उन्नाव में एक लड़की के साथ बलात्कार की घटना और उसके पिता को पीट-पीटकर मार डालने के विरोध में किया गया।

मार्च शुरू होने से कुछ देर पहले श्री गांधी ने ट्वीट कर लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की थी।मार्च में शामिल कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सूरजेवाला ने कहा कि देश में भाजपा के राज में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं।

उनका दर्द बयान करने के लिए यह मार्च निकाला जा रहा है।उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को समय रहते जाग जाना चाहिए और यदि अनाचार की घटनाएं इसी तरह होती रही तो वह दिन दूर नहीं जब शासन बदलेगा और नयी सरकार लोगों को न्याय देगी।

इस मार्च से निर्भया कांड के बाद इंडिया गेट और राजपथ पर हुए विरोध-प्रदर्शनों की यादें ताजा हो गयीं जब आम लोगों ने बड़ी संख्या में एकत्रित होकर उस कांड के दोषियों की गिरफ्तारी और कड़ी सजा देने की मांग की थी।

इन विरोध-प्रदर्शनों के बाद तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार को बलात्कार के दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा के प्रावधान वाला कानून बनाना पड़ा था।