उम्र सीमा 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने पर विचार कर रही है सरकार

  • बेरोजगार हुए लामबंद

नवभारत न्यूज भोपाल,

चुनावी साल में कर्मचारी वर्ग को खुश करने के लिए शिवराज सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों की रिटायरमेंट की उम्र 60 से बढ़ाकर 62 करने की तैयारी की जा रही है, जिसको लेकर प्रस्ताव भी तैयार हो चुका है.

प्रस्ताव को जल्द ही कैबिनेट में रखा जाएगा औऱ मंजूरी दी जाएगी. लेकिन प्रस्ताव के पारित होने के पहले ही इसको लेकर विरोध शुरु हो गया है. इस कड़ी में शुक्रवार को बेरोजगार सेना की 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल टीम ने वित्त मंत्री जयंत मलैया के बंगले पर पहुंचकर धरना प्रदर्शन किया.

दरअसल, मध्यप्रदेश सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों की रिटायरमेंट की उम्र 60 से बढ़ाकर 62 करने की तैयारी है. इसी सिलसिले में आज शुक्रवार को बेरोजगार सेना वित्त मंत्री को प्रस्ताव के विरोध में ज्ञापन देने पहुंची थी लेकिन जब मंत्री बंगले पर नहीं मिले तो विरोध जताने के लिए बाहर धरने पर बैठ गए.

सेना के अक्षय हुंका का आरोप है कि देश में लगभग आधे राज्यों में रिटायरमेंट की आयु 58 वर्ष है, जिसे और घटाने के प्रयास चल रहे हैं ताकि युवाओं को अधिक से अधिक नौकरियां दी जा सकें. मध्यप्रदेश सरकार यदि यह उम्र बढ़ाती है तो यह प्रदेश के युवाओं के साथ अन्याय होगा.

यह पूर्णत: युवा विरोधी, सरकारी कर्मचारियों को भ्रमित कर का शोषण करने वाला और आगामी चुनाव को प्रभावित करने के लिए लिया जाने वाला निर्णय है. बेरोजगार सेना इसका विरोध करती है. वितमंत्री इस मुद्दे पर बात करने से कतरा रहे हैं और युवाओं की बात को न सुनकर एकतरफा युवा विरोधी फैसला लेना चाहते हैं. हम इसका विरोध करते हैं. अगर इस निर्णय को लागू किया तो सरकार के इस निर्णय के खिलाफ सडक़ पर प्रदर्शन होगा.

बता दें कि एमपी सरकार फरवरी के अंतिम सप्ताह में शुरू हो रहे बजट सत्र में अपना आखिरी पूर्ण बजट पेश करने जा रही है.कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बजट में कर्मचारियों की रिटारयमेंट की उम्र बढ़ाकर 60 से 62 साल की जा सकती है.

बेरोजगारी पर तर्क में यह भी

मध्यप्रदेश में बेरोजगारी चरम पर है. प्रदेश का युवा बड़ी बड़ी डिग्रियां लेने के बाद भी बेरोजगार घूम रहा है. बेरोजगारी पिछले 2 वर्ष में 53 फीसदी बढ़ गई है. बावजूद इसके पिछले 4 वर्ष में केवल 70 हजार सरकारी भर्तियां निकली हैं. क्योंकि अधिकतर सीटें बाहर के राज्य के लोगों से भर जाती हैं, और प्रदेश के युवाओं को नौकरी नहीं मिल पाती है.

वहीं रोजगार कार्यालय नौकरियां दिलाने में पूरी तरह विफल रहे हैं. ऐसे में यदि सरकार रिटायरमेंट की उम्र 2 वर्ष बढ़ाती है तो इससे बेरोजगारी और बढ़ेगी. यह साफ साफ युवाओं के साथ छलवा होगा.

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