sushmaमस्कत . खनिज तेल से मालामाल ओमान की अपनी पहली राजकीय यात्रा पर पहुंची विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आज शीर्ष ओमानी नेताओं से मुलाकात की जिन्होंने भारत के साथ रिश्ते प्रगाढ़ करने की उत्सुकता जताई।
सुषमा ने ओमान के उप प्रधानमंत्री सैयद फहद बिन महमूद अल सईद, विदेश मंत्री यूसुफ बिन अलवी बिन अब्दुल्ला और शाही दफ्तर (रॉयल ऑफिस जनरल) के मंत्री सुल्तान बिन मोहम्मद अल नौमानी से व्यापक वार्ता की। यूसुफ से अपनी मुलाकात के दौरान सुषमा ने द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और परस्पर हितों के अन्य मुद्दों पर चर्चा की।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरूद्दीन ने बताया कि दोनों नेताओं ने समुद्री पड़ोसी के रूप में रिश्तों के सामरिक पहलुओं पर चर्चा केन्द्रित की। भारतीय अधिकारियों ने बताया, विदेश मंत्री ने विभिन्न राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, सुररक्षा और दोनों देशों की जनता के बीच के संपर्क पर चर्चा की। अकबरूद्दीन ने बताया कि सुषमा ने सैयद फहद से मुलाकात की और ओमानी नेता ने कहा कि ओमान भारत के साथ रिश्ते प्रगाढ़ करने को उत्सुक है।
यह खाड़ी क्षेत्र की सुषमा की तीसरी यात्रा है। इससे पहले उन्होंने सितंबर में बहरीन की यात्रा की थी जबकि नवंबर में उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा की। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि यह दिखाता है कि नई सरकार सामरिक महत्व के इस क्षेत्र के साथ भारत के रिश्तों को कितना महत्व देती है। भारतीय अधिकारियों ने बताया कि सुषमा ने क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की जिनमें भारत और ओमान दोनों की रूचि है।

खाड़ी क्षेत्र में कई लाख भारतीय रहते हैं और उसकी सुरक्षा और स्थिरता भारत के लिए अहम है। खाड़ी देश भारत की दो तिहाई कच्चे तेल की आवश्यकता का स्रोत है और यह भारत के लिए सबसे बड़ा कारोबारी क्षेत्रीय ब्लाक है। भारत अपना एक चौथाई वैश्विक कारोबार खाड़ी देशों के साथ करता है। अधिकारियों ने कहा कि अवाम के स्तर पर भारत और ओमान के बीच बहुत जीवंत रिश्ते हैं और दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक आर्थिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान होते हैं। ओमान के विभिन्न क्षेत्रों में तकरीबन सात लाख से अधिक भारतीय काम करते हैं।

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