नयी दिल्ली,

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) कई बैंकों को 800 करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाने के मामले में रोटोमैक पेन कंपनी के प्रोमोटर विक्रम कोठारी के तीन ठिकानों पर छापे मार रही है।सीबीआई सूत्रों ने आज यहां बताया कि ये छापे उत्तर प्रदेश के कानपुर में तीन ठिकानों पर तड़के चार बजे से मारे जा रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी ने कंसोर्टियम बैंक ऑफ बड़ौदा की शिकायत पर कल रात कोठारी परिवार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली। सीबीआई कोठारी, उसकी पत्नी एवं बेटे से इस मामले में पूछताछ कर रही है।

विक्रम कोठारी पर विभिन्न बैंकों- इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ बड़ौदा- को 800 करोड़ रुपये का चूना लगाने के आरोप हैं।

उल्लेखनीय है कि पिछले साल ऋण देने वाले बैंकों में शामिल बैंक ऑफ बड़ौदा ने रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड को जानबूझकर ऋणचूकता न करने वाला (विलफुल डिफॉल्टर) घोषित किया था। इस सूची से नाम हटवाने के लिए कंपनी ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय की शरण ली थी।

मुख्य न्यायाधीश डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने कंपनी की याचिका पर सुनवाई करते हुए उसे सूची से बाहर करने का आदेश दिया था। बाद में रिजर्व बैंक द्वारा तय प्रक्रिया के अनुसार एक प्राधिकृत समिति ने 27 फरवरी 2017 को पारित आदेश में कंपनी को जानबूझ कर ऋण न चुकाने वाला घोषित कर दिया।

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