कलेक्ट्रेट कार्यालय में तुरंत आग बुझाने के भी नहीं हैं कोई इंतजाम

  • क्षमता से ज्यादा हो रहा था बिजली का उपयोग

नवभारत न्यूज, भोपाल,

जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में प्रशासन की लापरवाही के कारण सोमवार को बड़ा हादसा हो सकता था.सोमवार को लगी आग के पीछे लाईन की क्षमता से ज्यादा बिजली के उपयोग की बात सामने आई है.

कलेक्ट्रेट कार्यालय में जिस लाईन से बिजली आती है, उस लाईन की क्षमता 20 एमपीयर बिजली की है.पर कलेक्ट्रेट कार्यालय में इस लाईन से 40 एमपीयर बिजली का उपयोग किया जा रहा है. इसके साथ ही यह लाईन लगभग 15 साल पुरानी है. सोमवार को जैंसे ही दफ्तर की बिजली चालू हूई, लाईन में आग लग गई.

कलेक्ट्रेट कार्यालय में इस तरह की दुर्घटनाओं से तत्काल निपटने के लिए आग बुझाने के इक्युपमेंट्स भी उपलब्ध नहीं हैं.

यह हुआ आग लगने के बाद

कलेक्ट्रेट कार्यालय मेे सोमवार की सुबह लगभग 10;45 बजे एनआईसी के पीछे बिजली के तारों में आग लगने के तुरंत बाद कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारियों ने मेन स्विच को डिसकनेेक्ट किया. इसके बाद आग बुझाने के लिए रेत डालना शुरु किया जिससे आग पर काबू पाया जा सका.

आग लगने के बाद स्थिति सामान्य होने में 3 घण्टे का समय लगा जिस कारण कार्यालय का काम प्रभावित हुआ. 6 महीने पहले की लापरवाही आई सामने 6 महीने पहले पीडब्लयूडी ने कलेक्टर को इसी बिजली की लाईन में सुधार करने के लिए 10 लाख का एस्टीमेट दिया था. पर फंड सेंक्शन न होने के कारण काम पूरा नहीं हो सका.

यदि आग रात के समय लगती तो बड़ा हादसा हो सकता था. हमने 6 महीने पहले ही भोपाल कलेक्टर को इस लाईन को बदलने के लिए 10 लाख का एस्टीमेट दिया था. पर फंड ही सैक्शन नहीं हुआ.
-जे एल अहिरवार, सहायक यंत्री