मुंगावली में मुख्यमंत्री ने किया जनसभा को संबोधित, दो दर्जन से अधिक गांवों में पहुंचा मुख्यमंत्री का रोड शो

मुंगावली,

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को मुंगावली क्षेत्र के मल्हारगढ़ में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मुंगावली विधानसभा क्षेत्र उपचुनाव क्षेत्रीय विकास और जनकल्याण के कार्यो को सघन बनाने का सफल अवसर सिद्ध होगा.

मुंगावली को विकास की मुख्यधारा से जोडऩा भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने 2003 में प्रदेश में सत्ता की बागडोर संभाली थी. बिजली, पानी, सडक़ों के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आया है. सिंचाई का रकबा साढ़े सात लाख हेक्टर से बढक़र प्रदेश में चालीस लाख हेक्टर हो गया है.

हर खेत को पानी देने के लिए प्रदेश में एक लाख हेक्टर तक सिंचाई सिंचन क्षमता की वृद्धि की जायेगी. उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की अनेक समस्याएं हैं. चुनाव आचार संहिता का हमें पालन करना है. घोषणा नहीं की जा सकती लेकिन पुल का निर्माण और संस्कृत विद्यालय जैसी समस्याओं का समाधान करना लोकतंत्र की प्रतिबद्धता है. भारतीय जनता पार्टी पीछे रहने वाली नहीं है.

आज कोलारस में करेंगे प्रचार

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान 20 फरवरी को कोलारस चुनाव प्रचार में रहेंगे. चौहान आधा दर्जन से अधिक जनसभाओं को संबोधित कर एक दर्जन से अधिक गांवों में जनदर्शन कार्यक्रम में ग्रामीणों से संवाद करेंगे. मुख्यमंत्री 20 को प्रात: 10 बजे वेदमऊ, 11 बजे लुकवासा, 12 बजे बडोखरा, 1 बजे अकाछिरी, 2 बजे गढ़, 3 बजे कार्या, 4 बजे बिजनौरी में पार्टी प्रत्याशी देवेन्द्र जैन के समर्थन में चुनावी सभा को संबोधित करेंगे. तत्पश्चात शाम 5 बजे धोबीपुरा से रथ द्वारा जनदर्शन कार्यक्रम की शुरूआत करेंगे. मुख्यमंत्री सहराना, मंगरौरा चकचैड, खतौरा, रामगढ़ जोड़, देवरी, बरोदिया मैगोना बडा, मड्डबासा, तरावली और एजवारा में ग्रामीणों से जनसंवाद करेंगे.

दो दर्जन से अधिक गांवों में ग्रामीणों से किया संपर्क

मल्हारगढ़ में सभा के पश्चात मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने निसई, पिपरिया, पत्थरगढ़, बिल्हेरू, बम्होरी, खजुरिया, नरखेडा, टाडा सहित 2 दर्जन से अधिक गांवों में जनदर्शन के दौरान ग्रामीणों से संवाद किया.

उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसानों की आय दोगुनी करने का प्रधानमंत्री का संकल्प है. हम इस कार्य में जुटे हुए हैं. गेहूं का समर्थन मूल्य केंद्र सरकार ने बढ़ाया है. मध्यप्रदेश सरकार समर्थन मूल्य के अलावा प्रति क्विंटल 265 रू. की पूर्ति करेगा, जिससे किसान का गेहूं न्यूनतम 2000 रू. क्विंटल का मूल्य किसान को सुनिश्चित करेगा. इसकी लागत और लाभ किसान की जेब में पहुंचेगा.

उन्होंने कहा कि प्रदेश में राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री भावान्तर भुगतान योजना आरंभ करके किसान की जिंसों का मूल्य गिरने नहीं दिया है और भावान्तर राशि किसान के खाते में जमा करने का सिलसिला जारी है. ओला पीडि़त किसानों को जल्दी ही सर्वेक्षण रिपोर्ट आते ही 30 हजार रू. प्रति हेक्टर की दर से (लघु सीमांत किसान) राहत राशि दी जायेगी. किसान की खुशहाली भाजपा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.

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