पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

मण्डीदीप,

शहर के समीप होशंगाबाद रोड पर स्थित एक रहवासी कॉलोनी से बीते माह हुए एक साढ़े तीन साल की बच्ची के अपहरण की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है.

बच्ची के अपहरण की साजिश अपना कर्जा उतारने के लिए पीडि़त परिवार के पास रहने वाले युवक ने रची थी. सतलापुर पुलिस ने इसका पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

सतलापुर थाना प्रभारी पियुश चाल्र्स के अनुसार सरांकिया गांव के पास स्थित भव्य सिटी के बैरसिया तहसील के टांडा निवासी 27 वर्षीय कृपाल गुर्जर ने अपने दो साथी राजगढ़ निवासी 21 वर्षीय लखन जाटव तथा टांडा निवासी 22 वर्षीय पंकज जाटव के साथ मिलकर तीन लाख फिरौती के लिए कॉलोनी के मकान नम्बर 34 में रहने वाले अनिल झागरे की साढ़े तीन वर्षीय बच्ची के अपहरण की साजिश रची थी.

योजना के तहत कृपाल की निशानेदेही पर लखन और पंकज ने 23 दिसम्बर 2017 को शाम 7 बजे बच्ची का अपहरण करके कृपाल की बिना नम्बर की मोटर साइकिल से बैरसिया ले गए थे. जहां पुलिस की सघन चेकिंग के चलते पकड़ा जाने के डर से बैरसिया थाने से कुछ दूर बच्ची को छोड़ दिया था.

पुलिस नेे तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करके उनके पास से अपहरण में उपयोग की गई दो मोटर साइकिलें जप्त की है.तीनों आरोपियों के खिलाफ हरिजन एक्ट के साथ आईपीसी की धारा 363 व 364 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है.

जैकेट में छिपाकर ले गए थे बच्ची को

पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मोटर साइकिल पर बच्ची को कोई देख न ले इसलिए बीच में बिठाकर जैकेट में छुपा लिया था. वहीं बच्ची के रोने पर मम्मी के पास ले चलने की बात कहकर चुप करा देते थे.

आरोपियों ने बताया कि बैरसिया से कुछ दूरी पहले एक कच्चे मार्ग से गांव की ओर निकल गए थे, लेकिन आगे रास्ते पर 100 डायल के मिलने पर वापिस लौट आए. हाईवे पर पुलिस की चेकिंग के चलते बच्ची को थाने से कुछ दूरी पर बच्ची को यहकर छोड़ दिया कि वो सामने जो अंकल खड़े हैं वह मम्मी के पास ले जाएंगे.

बैरसिया से कनेक्शन मिली सफलता-

बच्ची के अपहरण के 4 घंटे बाद बच्ची के बैरसिया में मिलने पर पुलिस का शक आरोपी के बैरसिया कनेक्शन पर था. पुलिस ने जब दूसरे दिन आसपास के लोगों के बारे में जानकारी जुटाई तो कृपाल के बैरसिया के पास टंडा के होने की जानकारी पुलिस को मिली.

पुलिस ने कृपाल के नम्बर की डिटेल निकलवाई तो घटना के समय उसकी और अन्य आरोपियों की मोबाइल लोकेशन मंडीदीप से बैरसिया की ओर मिली. इसी के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर कड़ाई से पूछताछ की तो उन्होने अपहरण की घटना को स्वीकार करते हुए पूरी कहानी पुलिस के समक्ष बयां कर दी.

अपहरण की घटना क्षेत्र और पुलिस के लिए अप्रत्याशित थी. पुलिस को थोड़ी देर लगी, पूरे मामले की गुत्थी सुलझाने और आरोपियों को सतलापुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.
-जगत सिंह राजपूत, पुलिस अधीक्षक रायसेन

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