विधवा-विधुर परिचय सम्मेलन

भोपाल,

पहले तलाक ब्रम्हअस्त्र था बहुत ही मुश्किल से ऐसे केस देखने में आते थे, लेकिन आज की शिक्षा में अहम दिखाई देता है, और परिवार में छोटी छोटी बाते विवाद का घर बनती है. परिवार सुखी रहे इसके लिए आज के सम्मेलन की महत्वपूर्ण आवश्यकता है.यह विचार जस्टिस एन.के. गुप्ता ने हिन्दी भवन के सभागार में राष्ट्रीय कल्याणी-विधवा, विधुर, तालकशुदा, दिव्यांग एवं अधिक आयु वर्ग के प्रत्याशियों का 6वां अग्रवाल, वैश्य एवं सर्वजाति परिचय सम्मेलन में कही.

इस अवसर पर सम्मेलन के अध्यक्ष डी.पी. गोयल ने इस परिचय सम्मेलन के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि पिछले 5 वर्षों में बहुत बडी संख्या में प्रत्याशियों को अपना जीवन साथी चुनने का तथा नई जिन्दगी की शुरूआत करने का अवसर इस मंच से मिला है. यह सम्मेलन अग्रवाल चेतना वैवाहिक पत्रिका के माध्यम से किया गया.

इस कार्यक्रम में 800 से अधिक प्रत्याशी अपने अभिभावकों के साथ पहुॅंचे और 260 से अधिक प्रत्याशियों ने अपना परिचय मंच से दिया. इस अवसर पर अग्रवाल चेतना वैवाहिक पत्रिका का लोकार्पण किया गय.

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जस्टिस एन.के.गुप्ता लोकायुक्त, प्रमुख अतिथि अर्चना चिटनिस महिला एवं बाल विकास मंत्री, मनमोहन अग्रवाल, ई.एम.एस. के चैयरमेन सनत कुमार जैन, सागर ग्रुप के चैयरमेन संजीव अग्रवाल, सुरेन्द्र बिहारी गोस्वामी संचालक हिन्दी ग्रंथ अकादमी ने दीप प्रज्जलित कर सम्मेलन का शुभारंभ किया.

कार्यक्रम में पं. सुरेन्द्र बिहारी गोस्वामी ने कहा कि देश के विकास में महाराजा अग्रसेन का अनुसरण करे और अपने जीवन को सुखी बनाये. इस अवसर पर महिला बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस ने कहा कि विधवा, विधुर शब्द को विलोपित करते हुए कल्याणी शब्द का उपयोग करे जिससे उनके जीवन में एक नई उमंग पैदा हो, बार-बार विधवा शब्द कहकर सामान्य जीवन जीने वाली महिला को ठेस पहुॅचती है और समाज अब कल्याणी के नाम से पुकारे.

इस सम्मेलन की आज महती आवश्यकता है और मध्यप्रदेश सरकार के मुखिया मख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कल्याणी सहायता योजना लागू की है, और पुर्नविवाह करने वाली कल्याणी को 2 लाख रूपये की सहायता दी जायेगी. सम्मेलन में संजीव अग्रवाल, मनमोहन अग्रवाल, प्रहलाद दास अग्रवाल, जस्टिस एन.के. गुप्ता लोकायुक्त, प्रहलाद अग्रवाल, डी.पी. गोयल एवं मंत्री अर्चना चिटनिस का सम्मान स्मृति चिन्ह, साल-श्रीफल देकर किया.

इस कार्यक्रम का आयोजन 30 वर्ष से अधिक आयु एवं ऐसे जो बुजुर्ग अकेले जीवन निर्वाह कर रहें हैं उनके लिया किया गया है ताकि उनको जीवनसाथी मिल सके.
ऋचाा गोयल,
संयोजिका अग्रवाल समाज

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