मोदी सरकार द्वारा प्रयत्क्ष विदेशी नीति को बढ़ावा देने के संदर्भ में हैदराबाद में हो रहे वैश्विक उद्यमिता शिखर सम्मेलन की विशेष भूमिका रहेगी. यह माना जा चुका है कि भारत एशिया की तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है और इस क्षेत्र मे उसे उसके अनुरूप ही दुनिया के सामने
आना होगा.

इस शिखर सम्मेलन का भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी व अमेरिकी राष्ट्रपति श्री डोनाल्ड ट्रम्प की पुत्री इवांका ट्रम्प ने संयुक्त रूप से उद्घाटन किया. श्री मोदी ने कहा कि इस शिखर का मर्म (थीम) महिला सशक्तिकरण है, क्योंकि इसके बिना देश का विकास असंभव है.

भारत ने आधार के रूप में विश्व का सबसे बड़ा डेटा बेस बनाया है. हैदराबाद तेजी से इनोवेशन हब के तौर पर विकसित हो रहा है. यह शिखर सम्मेलन भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते आर्थिक और सुरक्षा सहयोग का प्रतीक बन गया है.

इस सम्मेलन में 15 सौ से अधिक महिला उद्यमी हिस्सा ले रही हैं जो यहां भाग ले रहे सभी प्रतिनिधियों का 50 प्रतिशत भाग है. अब संसार में महिलाओं को आधी दुनिया कहा जाता है और इस सम्मेलन ने यह सिद्ध कर दिया है कि उद्यमिता के क्षेत्र में आधी आबादी (महिलायें) पुरुष वर्ग के बराबर आधे हिस्से में आ गयी है.

इवांका ट्रम्प ने बिना मुस्लिम राष्ट्रों का नाम लिये इंगित करते हुए कहा कि कई देशों में महिलाएं पुरुषों के बगैर सड़कों पर नहीं निकल सकतीं. आज अमेरिका में एक करोड़ दस लाख महिलाएं अपना स्वयं का उद्योग-व्यापार चला रही है.

अगर भारत में नौकरियों के मामले में स्त्री-पुरुष में भेदभाव आधा भी कम कर दिया जाए तो अगले तीन साल में भारतीय अर्थव्यवस्था को लगभग 10 हजार अरब रुपयों का लाभ हो सकता है. भारत में अब महिलाएं सभी क्षेत्रों में जिसमें पुलिस सश पुलिस बल, सेना, नौसेना, वायु सेना तक में स्थापित हो चुकी हैं- जिन्हें एक अर्से तक यह माना जाता रहा कि वे महिलाओं के काम नहीं है.

इसके अलावा वे राजनीति में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सरकारी उच्च पदों पर बैंक एग्जीक्यूटिव भी बन रही हैं.इवांका ने कहा कि भारत के लोग सभी को प्रेरित करते है. इस देश ने 70 सालों में भारत ने जो कुछ हासिल किया है वह असाधारण है. दुनिया में भारत लोकतंत्र का प्रतीक और उम्मीद की किरण हैं.

राष्ट्रपति ट्रम्प ने यह महसूस किया है कि व्हाइट हाउस को भारत के रूप में सच्चा दोस्त मिला है. भारत में परिवर्तनकारी बदलाव की हवा चल रही है. भारत में 13 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आये हैं.

श्री मोदी ने कहा कि मंगलयान के मिशन में महिला वैज्ञानिकों का बहुत बड़ा सहयोग रहा है. अंतरिक्ष के क्षेत्र में कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स तो अंतरिक्ष यात्री बन चुकी है.

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