• केंद्रीय मंत्री उमा भारती को मिली क्लीन चिट
  • 2011 संविदा शिक्षक वर्ग-2  भर्ती का मामला
  • 16 आरोपियों को जमानत

नवभारत न्यूज भोपाल,

संविदा शिक्षक वर्ग-दो 2011 घोटाले मामले में गुरूवार को सीबीआई ने विशेष न्यायाधीश एससी उपाध्याय की अदालत मे चालान पेश किया.

सीबीआई ने संविदा शिक्षक परीक्षा वर्ग- दो वर्ष 2011 घोटाले मामले के चालान में कुल 153 पन्नों का आरोप पत्र पेश किया है. चालान के साथ मामले के कुल 87 आरोपियों के खिलाफ दस्तावेज पेश किए गए हैं. इस मामले में तत्कालीन राज्यपाल रामनरेश यादव के ओएसडी धनराज यादव और एक महिला आरोपी की मौत हो जाने से उन्हें आरोपियों की सूची से हटा दिया गया है.

सीबीआई ने सर्वप्रथम मामले में आरोपी अभ्यर्थी लीलाधर पचौरी के बयानों का उल्लेख किया है जिसमें आरोपी लीलाधर ने बताया है कि वह मंत्री उमा भारती के बंगले में सर्वेेंट क्वार्टर में रहता था, जहां पर रहते हुए उसका संपर्क मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा के ओएसडी ओपी शुक्ला से हुआ था. ओएसडी ओपी शुक्ला को ही अपना रोल नंबर दिया था. आरोपी लीलाधर ने मंत्री उमा भारती की भूमिका होने से साफ इंकार कर दिया.

इसके अलावा सीबीआई ने आरोपी बीनू मिश्रा, वर्षा सिंह तोमर, जितेन्द्र सिंह राजपूत, उदय प्रकाश शर्मा, सविता साहू, सुनिता साहू, रानी राजपूत, बंटी सेन, रितु त्रिपाठी, रामेश्वर दया शर्मा और संतोष कुमार शर्मा के भी बयान दर्ज किए हैं. इन सभी ने अपने बयानों में मंत्री उमा भारती से किसी भी प्रकार से संबंध होने और उनकी भूमिका से साफ इंकार कर दिया.

सीबीआई के चालान में 36 नए आरोपी बनाए गए हैं, इनमें कमला प्रसाद, चंद्रमोहन शर्मा, राजेेन्द्र शर्मा उर्फ राजू भाई ने बिचौलिए की भूमिका निभाई है, जबकि शेष 33 आरोपी अभ्यर्थी हैं. इससे पूर्व एसटीएफ ने 53 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया था जिन्हें सीबीआई ने भी यथवत रखा है. पूर्व में पेश चालान में व्यापमं के पूर्व नियंत्रक पंकज त्रिवेदी,कम्प्यूटर एनालिस्ट नितिन महिन्द्रा, अजय सेन, चंद्रकांत मिश्रा, मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा और उनके ओएसडी ओपी शुक्ला, सुधीर शर्मा सहित बिचौलिए और अभ्यर्थीयों के नाम हैं. चालान पेश किए जाते समय विशेष न्यायाधीश एससी उपाध्याय की अदालत में मामले के 16 आरोपी पेश हुए थे जिन्हें सक्षम जमानत पेश किए जाने पर छोडऩे के आदेश कर दिए गए.

सीबीआई ने चालान के साथ पेश आरोप-पत्र में 30 जगहों पर केंद्रीय मंत्री उमा भारती के नाम का उल्लेख किया है, लेकिन अपनी जांच में उन्हें पूरी तरह से क्लीन चिट दे दी है. मंत्री उमा भारती को क्लीन चिट देने से पहले सीबीआई ने उनकी किसी प्रकार से भूमिका नहीं होने की बात कही है. नितिन महिन्द्रा के कम्प्यूटर हार्डडिस्क में जिन अभ्यर्थीयों के नाम के आगे उमाभारती जी लिखा हुआ था उनके बयान लेकर सीबीआई ने सुनिश्चित किया है कि उन अभ्यर्थियों का मंत्री उमा भारती से किसी भी प्रकार का कोई संबंध ही नहीं है.