राज्य की नई मुकदमा नीति मंजूर, प्रदेश में निर्वाचन के लिए नए पद सृजित होंगे

नवभारत न्यूज भोपाल,

प्रदेश की नई मुकदमा नीति को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. इसी के साथ कैबिनेट ने सभी विभागों में लीगल एक्सपर्ट रखने, मुख्य निर्वाचन कार्यालय और सेंट्रल जेल में नए पद के सृजन सहित अनेक जनहितैषी व विकास के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में मंगलवार को राज्य की नई मुकदमा नीति को भी हरी झंडी दी गई.राज्य सरकार जिन मामलों में पक्षकार हैं उन मामलों में और प्रकरणों की जल्द सुनवाई और छोटे-छोटे प्रकरणों के लिए शिकायत निवारण प्रकोष्ठ बनाने का निर्णय लिया है.ये प्रकोष्ठ कर्मचारियों से जुड़े मामलों की शिकायत का निवारण भी करेगा.

अब हर मामला विधि विभाग को नहीं जाएगा

कैबिनेट की बैठक में आज सभी विभागों में लीगल एक्सपर्ट रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दी.इसके बाद लीगल ओपिनियन के लिए हर मामला विधि विभाग को नहीं भेजा जाएगा.वहीं लापरवाही बरतने वाले सरकारी वकील-अधिकारी अन्य को चिन्हित करने की व्यवस्था भी नई मुकदमा नीति में रखी गई है.

इंदौर प्रेस क्लब की जमीन लोनिवि के अधीन रहेगी

कैबिनेट बैठक में इंदौर प्रेस क्लब की जमीन के विवाद को सुलझाने को लेकर भी चर्चा हुई. चर्चा उपरांत कैबिनेट ने निर्णय लिया कि अब इंदौर प्रेस क्लब का भवन लोक निर्माण विभाग की भवन पुस्तिका में दर्ज होगा. प्रेस क्लब को अब बाजार रेट से 10 फीसदी किराया भी देना होगा. राज्य सरकार ने ये निर्णय प्रेस क्लब से चर्चा के बाद कैबिनेट बैठक में लिया.

सभी मंत्री अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहें

कैबिनेट बैठक के उपरांत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अनौपचारिक तौर पर सभी मंत्रियों से प्रदेश की कानून व्यवस्था पर चर्चा की. इसमें भिंड, मुरैना, ग्वालियर सहित प्रदेश के अन्य अंचलों में दलित समाज के आंदोलन के दौरान हुई हिंसक घटनाओं पर चर्चा की गई. सीएम ने सभी मंत्रियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने के साथ और सभी वर्गों के बीच संवाद करने के निर्देश दिए.

लहसुन भी भावंतर योजना में खरीदा जायेगा

कैबिनेट की बैठक में एक महत्वपूर्ण फैसला करते हुए लहसुन को भी भावांतर योजना में शामिल किया है. सरकार ने स्पष्ट किया कि लहसुन की फसल भावंतर योजना में खरीदी जाएगी. किसान को कम से कम 800 रु. का लाभ हो ऐसी व्यवस्था है.

निर्वाचन के लिए 1600 व जेल के लिए 120 पद

कैबिनेट की बैठक में एक रखे गये नए पद के प्रस्ताव पर यह निर्णय लिया गया कि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के लिए 1600 पद निर्माण किया जाएगा.सेंट्रल जेल भोपाल में सिमी के कैदियों की सुरक्षा के मद्देनजर हाई सिक्योरिटी यूनिट के लिए 120 पद मंजूर किए गए.

मंत्रि-परिषद के निर्णय

  • आगामी विधानसभा चुनाव के लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के लिए 84 पद, जिला निर्वाचन कार्यालयों के लिए 408 तथा रिटर्निंग आफिसर कार्यालयों के लिए 1150 पद कुल 1642 पदों की एक दिसंबर 2017 से 28 फरवरी 2019 तक निर्माण की स्वीकृति प्रदान कर इन पदों को भरने की अनुमति दी गयी.
  • पशुपालन विभाग के तहत बडे पशुओं की उत्प्रेरण योजना और छोटे पशुओं एवं पक्षियों की उत्प्रेरण योजना को एक अप्रैल 2017 से आगामी 3 वर्ष तक निरंतर रखने की अनुमति.
  • एमपीएसआईडीसी के कर्जदारों के भुगतान के लिए वित्तीय वर्ष 2017-18 से वर्ष 2018-19 में कुल राशि 44 करोड़ 32 लाख रूपये का व्यय अनुमानित करते हुये योजना का क्रियान्वयन इस अवधि के लिए निरंतर रखने का निर्णय.

सिक्यूरिटी राशि वापस होगी

कैबिनेट की बैठक में यह भी तय किया कि जो रेत खदानें लोगों को स्वीकृत हो गई थी और किसी वजह से संचालित नहीं हो पा रही हैं, ऐसे सभी 33 लोग या समूह की सिक्यूरिटी राशि भी वापस कर दी जाएगी.

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