क्रिस्प में वल्र्ड स्किल्स विजेताओं का सम्मान

भोपाल,

क्रिस्प में मंगलवार को आयोजित समारोह में वल्र्ड स्किल्स प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया.

क्रिस्प के मुख्य कार्यपालन अधिकरी मुकेश शर्मा ने बताया कि दुनिया भर के युवाओं के कौशल को पहचानने के उददेश्य से चुने हुए देश में हर दो वर्ष में वल्र्ड स्किल्स प्रतियोगिता आयोजित की जाती है,एवं प्रत्येक विधा को समानरूप से पहचान प्रदान की जाती है.

उन्होंने बताया कि कुल 1029 उम्मीदवारों 24 से 26 अप्रैल के मध्य वल्र्ड स्किल्स प्रतियोगिता में भाग लिया, व इस आयोजन को ज़ोनल स्तर पर भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन एवं सागर में किया गया था. जिसमें 1029 प्रतिभागियों ने 15 विधाओं वेल्डिंग, इलेक्ट्रीशियन, इलेक्ट्रॉनिक्स, फैषन डिजाइनिंग, ऑटोमोबाइल, कारपेन्ट्री, ग्राफि क्स डिजाइनिंग आदि में भाग लिया.

इसमें से चयनित 61 उम्मीदवारों की प्रतियोगिता 4-8 मई के मध्य भोपाल में आयोजित की गई. 25 उम्मीदवारों का चयन क्षेत्रीय स्तरीय प्रतियोगिता हेतु किया गया है जो कि 24 से 26 मई के दौरान जयपुर में आयोजित होने वाली प्रतियोगिता में होने वाली क्षेत्रीय स्तरीय प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व कर अपना हुनर दिखाएंगे.

क्षेत्रीय स्तर के मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाले उम्मीदवारों को राज्यमंत्री दीपक जोशी ने सम्मानित किया गया, हेमंत देशमुख ने क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए उम्मीदवारों को अपने भाषण के माध्यम से प्रेरित किया.

सुविधा के अभाव में नेट से की पढ़ाई

खण्डवा के देवेन्द्र आईटी नेटवर्क में प्रधानमंत्री कौशल विकास के अन्तर्गत आईटी का प्रशिक्षण लिया, उïïïन्होंने बताया कि मैं दिन में क्लास के बाद फोन की मदद से 10-10 घण्टे पढ़ता था, और आज उसी मेहनत की वजह से यहां तक पहुंचा हूँ.

11 साल की उम्र में बड़ो-बड़ो को दी मात

भोपाल के आदि इलेक्ट्रानिक्स विषय में म.प्र का प्रतिनिधित्व करेगें, उन्होंने बताया कि मैनें 5 साल से ही सीखना शुरु कर दिया. मेरे पापा ने मेरा बहुत साथ दिया, जिस वजह से मैं यह सीख पाया, अब मैं स्टेट का प्रतिनिधित्व करने जा रहा हूं, बहुत खुश हूँ साथ ही तैयारी भी कर रहा क्योंकि आगे इसी फ ील्ड में मुझे वैज्ञानिक बन देश के लिये बहुत कुछ करना है.

मैं 10 वीं क्लास से स्कूल लेवल पर सीख रहा हूँ, फिर कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया. अब अपने स्टेट के लिए करुंगा, गर्व हो रहा है. अब कड़ी मेहनत करनी हैं, क्योंकि दूसरे स्टेट के बच्चे से मुकाबला आसान नहीं होगा.
-मोहित, वेब डिजाइंनिग

मुझे तीन महीने हुए, लेकिन मेरे टीचर व मित्रों ने मुझे हमेशा ज्यादा से ज्यादा जानने के लिए आगे बढ़ाया व प्रोत्साहन किया.
-आवेश खान, एम केड