नई दिल्ली,  आखिरकार टीम अन्ना और स्वयं अन्ना हजारे ने अपना अनशन तोड़ दिया है. पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह ने इनका अनशन तोड़वाया.

भ्रष्टाचार के खिलाफ टीम अन्ना के आंदोलन के राजनीतिक शक्ल लेने के ऐलान के बीच अन्ना हजारे ने कहा है कि जब तक उनके शरीर में प्राण है, तब तक लड़ाई जारी रहेगी. अनशन तोडऩे से पहले अन्ना हजारे ने कहा कि अगले लोकसभा चुनाव तक वे पूरे देश में घूमेंगे. उन्होंने कहा कि चुनाव में देश की जनता गद्दारों को घर भेजेगी. हालांकि अन्ना हजारे से यह स्पष्ट कर दिया है कि वे खुद चुनाव नहीं लड़ेंगे. अन्ना हजारे ने सत्ताधारी पार्टियों से कहा कि उन्हें डरने की कोई जरूरत नहीं है. वे बस जनलोकपाल लाएं और उसे संसद से पास कराएं. भ्रष्ट नेताओं पर टिप्पणी करते हुए अन्ना ने कहा कि कई लोग कोयला खाते हैं, कई लोग चारा खाते हैं. ऐेसे नेताओं को जनता ही सबक सिखाएगी. अगर जनलोकपाल कानून पास हो गया, तो भ्रष्टाचार पर करीब 60 प्रतिशत तक काबू पाया जा सकेगा. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार मिटने के बाद ही गरीबों को न्याय मिल सकेगा.

टीम अन्ना ने अपना संकल्प दोहराते हुए कहा कि वह भ्रष्टाचार से किसी भी हाल में समझौता नहीं करेगी. चुनावी दंगल में उतरने की परोक्ष घोषणा करते हुए कहा कि राजनीतिक विकल्प के जरिए उसकी लड़ाई सत्ता के लिए नहीं, बल्कि व्यस्था परिवर्तन के लिए होगी. उधर,संसदीय मामलों के मंत्री पवन कुमार बंसल ने कहा कि लोकपाल बिल के मानसून सत्र में आने की उम्मीद नहीं है. लोकपाल विधेयक राज्यसभा के सेलेक्ट कमेटि के पास है. जब तक कमेटि अपना कार्य पूरा कर सरकार को नहीं सौंप देती तब तक इसे राज्यसभा में पेश नहीं किया जा सकता.

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