modi1नयी दिल्ली,  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने समाज में स्वच्छता का भाव पैदा करने की जरूरत पर बल देते हुए आज कहा कि जिस तरह से सत्याग्रह से ब्रिटिश शासन से आजादी मिली थी उसी तरह से स्वच्छाग्रह आंदोलन चलाकर देश को गंदगी और कूड़े-कचरे से मुक्त किया जा सकता है । श्री मोदी ने यहां भारत स्वच्छता सम्मेलन (इंडोसन)के उद्घाटन सत्र में कहा कि स्वच्छ भारत अभियान समय से पहले समाज में अपनी जड़ें जमा रहा है।

उन्हाेंने कहा,“ जिस तरह से औपनिवेशिक शासन से सत्याग्रह ने आजादी दिलाई थी,उसी तरह से स्वच्छता आंदोलन में स्वच्छाग्रह गंदगी और कूड़ा-करकट से देश को मुक्ति दिलाएगा ।” उन्होंने कहा कि स्वच्छता के प्रति भाव पैदा करने की जरूरत है । स्वच्छता के लिए बजट अावंटन की आवश्यकता नहीं है बल्कि इसके लिए लोगों में ऐसे भाव पैदा करने जरूरत है जिससे गंदगी के प्रति घृणा पैदा हो आैर लोग इसके लिए स्वयं शिकायत करने लगे। बालकों में स्वच्छता के प्रति जागरुकता बढ़ रही है और गंदगी फैलाने से अपने परिजनों को भी रोक रहे हैं।

उन्होंने कहा कि घर में शौचालय होना सामाजिक स्तर से जुड़ता जा रहा है जो कि एक अच्छा संकेत है। उन्होंने कहा कि समाज में स्वच्छता के प्रति भाव पैदा करने की जरूरत है। इसे जनांदोलन के जरिये किया जा सकता है। समाज में ऐसा माहौल बनाया जाना चाहिए जिससे गंदगी के प्रति घृणा पैदा हो और उसके निपटारे में लोग स्वयं ही तत्पर हो जाए। उन्होंने लोगों की आदत में बदलाव पर जोर देेते हुए कहा कि खाली पड़ी जमीनों का इस्तेमाल कूड़ा- कचरा फेंकने के लिए नहीं बल्कि धन अर्जन के वास्ते किया जाना चाहिए ।

भारत स्वच्छता सम्मेलन के उद्घाटन के अवसर पर शहरी विकास मंत्री एम.वेंकैया नायडू, पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री नरेन्द्र तोमर, शहरी विकास राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह तथा पेयजल एवं स्वच्छता राज्य मंत्री रमेश चिनप्पा जिगजिनागी भी मौजूद थे ।

उद्घाटन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह,महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फणनवीस, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी हिस्सा लिया। बाद में सभी नेताअों ने स्वच्छता घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए । इससे पहले श्री मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान में उल्लेखनीय योगदान करने वाली संस्थाओं, व्यक्तियों और स्थलों को पुरस्कृत किया।

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