नर्मदा पर मध्यप्रदेश में बरगी से प्रारंभ होकर गुजरात सरदार सरोवर तक चार बांध बने है और सरदार सरोवर को विशालकाय व ऊंचाई में देश के सभी बांधों का ‘सरदार’ ही माना गया. परिकल्पना यह रही है कि नर्मदा क्षेत्र को सदानीरा बड़ी नदी नर्मदा का वरदान सिंचाई, बिजली मेें हर वक्त भरपूर मिलता रहेगा.

गुजरात व मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकारें हो जाने से सबसे ज्यादा विवादित सरदार सरोवर की ऊंचाई का विवाद भी सुलझ गया और उसे पूरी ऊंचाई दे दी गयी. लेकिन यह खबर चौंकाने और हैरान कर देने की हो रही है कि नर्मदा में पानी की कमी हो जाने से वहां बिजली बनना बन्द हो गया.

चार राज्यों- मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान व महाराष्ट्र के बीच हुए नर्मदा के करार के अनुसार सबसे ज्यादा डूबत में जमीन मध्यप्रदेश की आई है इसलिये यहां उत्पादित बिजली का 57 प्रतिशत भाग मध्यप्रदेश को मिलेगा.

लेकिन अब वहां से बिजली मिलना बन्द हो गया. दूसरी ओर गुजरात सरकार ने यह फैसला ले लिया कि सरदार सरोवर बांध के पूरे पानी का उपयोग पीने के लिये ही किया जायेगा. इस बांध पर स्थापित 1450 मेगावाट जल विद्युत स्टेशन को बन्द कर दिया गया.

बांध में पानी का भंडारण 45 प्रतिशत घट गया जो पिछले 15 सालों में सबसे कम है. नर्मदा के जलग्रहण क्षेत्र में इस वर्ष सबसे कम वर्षा हुई है. नर्मदा पर 4 बांध बरगी- इंदिरा सागर- ओंकारेश्वर और सरदार सरोवर हैं.

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