जयपुर,

राजस्थान के जोधपुर की स्थानीय अदालत में आज फिल्म अभिनेता सलमान खान की जमानत याचिका पर बहस पूरी होने के बाद फैसला कल तक के लिये सुरक्षित कर दिया गया ।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवीन्द्र कुमार जोशी की अदालत में सलमान खान को मिली सजा पर दाखिल जमानत याचिका पर बहस के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं हस्तीमल सारस्वत ओैर महेश बोडा ने साक्ष्य के कमजोर होने , और उनके मुवक्किल के अच्छे चरित्र का होने की दलील देते हुये उन्हें जमानत देने की पैरवी की ।

वहीं लोक अभियोजक पोकर राम ने सलमान खान को जमानत देने का विरोध किया और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा दिये गये फैसले को उदृधत करते हुये कहा कि मुव्वकिल के काफी अनुयायी है और ऐसे में उनके द्वारा किये जाने वाले गलत कार्यों के बावजूद उन्हें राहत दी जाती है तो इसका आम लोगों पर गलत असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि मुव्वकिल द्वारा किया गया कृत्य रहम के काबिल नहीं है इसलिये उन्हें जमानत नहीं दी जाये।

दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद न्यायाधीश ने कहा कि इस प्रकरण का साक्ष्य मजबूत है और फैसले में जल्दबाजी नहीं की जा सकती । उन्होंने यह कहते हुये जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित कर लिया।

सलमान की जमानत याचिका की पैरवी करने के लिये उनके अधिवक्ता आज सवेरे दस बजे ही अदालत पहुंच गये थे। सलमान की दोनों बहनें भी अदालत में मौजूद थी ।

सलमान खान के वकील महेश बोडा ने मीडिया को बताया कि उन्हें कल रात से पैरवी करने पर जान से मार डालने की धमकी दी जा रही है पर वह ऐसी घमकियों से डरने वाले नहीं है।

उल्लेखनीय है कि दो दशक पूर्व एक फिल्म की शूटिंग के दौरान काले हिरणों को मारने के मामले में जोधपुर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देव कुमार खत्री ने सलमान खान को पांच साल की सजा और दस हजार रूपये का जुर्माना लगाया था। इस मामले में उनके सह आरोपी फिल्म अभिनेता सेफ अली खान,दुष्यंत सिंह , अभिनेत्री तब्बू, नीलम और सोनाली बेंद्रे को बरी कर दिया था।

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