सीरिया पर अमेरिका के नेतृत्व में उसके साथ ब्रिटेन व फ्रांस ने ट्राम क्रूज मिसाइलों से 105 हमले कर दिये और कहा गया है कि इन हमलों से रासायनिक हथियार बनाने के संस्थान सीरिया में खत्म कर दिये है.

वहीं सीरिया ने दावा किया कि उसने 73 ऐसी मिसाइलों को बीच आकाश में ही ध्वस्त कर दिया. सीरिया में पिछले 8 सालों से गृहयुद्ध की स्थिति चल रही है. राष्ट्रपति असद शिया मुसलमान है और उनके विरुद्ध सुन्नी मुसलमान उन्हें हटाने के लिए सश युद्ध छेड़े हुए हैं.

राष्ट्रपति असद को रूस, इरान, व चीन का समर्थन प्राप्त है और विद्रोहियों को यूरोपीय देशों व अमेरिका का सहयोग है. दोनों ही रूस और अमेरिका के हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं. रूस ने अभी एक और घोषणा कर दी है कि सीरिया के एस 300 मिसाइलों की आपूर्ति कर रहा है. रूसी राष्ट्रपति श्री व्लादीमीर पुतिन चीन व इरान ने सीरिया में पश्चिमी देशों के मिसाइल हमलों को अंतराष्ट्रीय युद्ध अपराध कहा है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की शीघ्र बैठक बुलाने की मांग की है.

इराक की तरह सीरिया का यह मामला और हमला पूरी तरह पेट्रो क्रूड व गैस की सप्लाई से जुड़ा है. सीरिया भारी मात्रा में रूस को पेट्रो क्रूड व गैस की आपूर्ति करता है और रूस का वहां के राष्ट्रपति श्री असद को पूरा राजनैतिक व सैनिक समर्थन मिल रहा है और अमेरिका व अन्य पश्चिम देश असद विद्रोहियों को राजनैतिक व सैनिक साजो सामान की मदद पहुंचा रहे हैं.

अब संभावना यह बन रही है कि अभी तक ये समर्थन व सैनिक मदद अप्रत्यक्ष रूप से असद व विद्रोहियों के मार्फत से दी जा रही है और आगे चलकर रूस और अमेरिका सीधे एक-दूसरे के सामने आ जायेंगे और उसका नतीजा होगा कि तीसरा विश्व युद्ध छिड़ सकता है.

इस समय पश्चिमी देशों ने हमलों का कारण असद सरकार की तरफ से रासायनिक हथियार प्रयोग को बताया जा रहा है. इराक के राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन ने जब कुवैत पर कब्जा किया तब भी अमेरिका इस बात से विचलित हो गया था कि कुवैत से लगभग पूरा पेट्रो क्रूड अमेरिका को मिल रहा था इसलिए उसने कुवैत को फिर से स्वतंत्र करने के लिये इराक पर हमला किया था.

दूसरा हमला सद्दाम हुसैन पर इसलिए किया गया था कि उस पर यह इल्जाम लगाया था कि वह रासायनिक हथियार बना रहा है जबकि युद्ध व सद्दाम को हटाने के बाद भी वहां कोई रासायनिक हथियार नहीं मिले.

इस बार भी सीरिया में रासायनिक हथियारों को ही हमला का मुद्दा बताया गया था, लेकिन इस बार विश्व युद्ध की स्थिति बन रही है. रूस ने अपने देशवासियों से युद्ध के लिए तैयार रहने को कहा है.