प्रशासन केसामने रोते-बिलखते रहे लोग

  • रहवासी आवासों को 7 दिन का नोटिस

भोपाल,

करोंद जो पहले से ही भूमाफियायों के चंगुल में जकड़ा हुआ है. इस क्षेत्र में एक से एक सफेदपोश लोगों ने ही आधे से ज्यादा शासकीय भूमि बेच डाली, जिसमें उन्हें अधिकारियों कर्मचारियों का भी संरक्षण प्राप्त रहा.

ऐसा ही मामला विगत कुछ दिनों से करोंद बायपास व्यंजन रेस्टारेंट के सामने विनायक वैली के पीछे स्थित तेज कालोनी वार्ड 79 में चल रहा था.

जहां शुक्रवार को एसडीएम गोविंदपुरा मुकुल गुप्ता ट्राफिक व थाना निशातपुरा बल और जोनल अधिकारी प्रमोद मालवी एवं वार्ड प्रभारी नासिर खान के साथ दल-बल सहित पहुंचें और उन्होंने सख्ती से कार्यवाही करते हुए 7 एकड़ सीलिंग की जमीन खसरा क्रमांक 150/1 और 150/2 पर लगभग 45 अवैध निर्माणधीन आवासों को नगर निगम की जेसीबी से तोड़ दिए.

वहीं कुछ आवास जो रहवासी हैं उन्हें 7 दिन में मकान खाली करने का नोटिस दिया गया है. कार्यवाही के दौरान जिन लोगों ने अपने खून पसीने की कमाई से प्लॉट खरीद निर्माण कर रहे थे और जब उनके निर्माणधीन आवास तोड़े गए तो वह रोते बिलखते रह गए. इस पर एसडीएम ने कहा कि आपने जिससे प्लॉट खरीदा उसके खिलाफ एफआईआर करो.

कौन है दोषी

करोंद में शासकीय भूमि को फर्जी अनुबंध से बेचना आम बात है. यहां तक की मामले की संपूर्ण जानकारी प्रशासन को रहती है और उनकी सांठगांठ से लोगों को धोखा कर भूमि बेची जाती है. इस मामले में भी प्रशासन को संपूर्ण जानकारी पूर्व से ही थी कि शासकीय भूमि बिक रही है. फिर भी कोई कार्यवाही नहीं की और गरीबों ने अपने खून पसीने की कमाई से फर्जी प्लाट खरीद लिए. इसके दोषी जितने भूमाफिया हैं उतना ही प्रशासन भी.

20 से ज्यादा ने खरीदे प्लॉट

सात एकड़ शासकीय भूमि पर 20 से ज्यादा लोगों को भूमाफियायों ने किसी और स्थान के नाम से अनुबंध व रजिस्ट्री करा बेच दिए. कार्यवाही के दौरान कुछ लोग मौके पर मिले इसमें दुर्गा अहिरवार पति शशी कुमार अहिरवार जिसने 1200 स्कायर फिट प्लॉट गोपाल जाट से क्रय किया बताया.

सुमित साहू टेंकर चालक ने भी 1200 स्कायर फिट, अजाब भाई 600 स्कायरफिट, मनीष नरयानी ने 600 स्कायर फिट, हरीष पाल सहित गीता वंशकार उपस्थित थे.

क्या होगी एफआईआर

6 माह पूर्व भी एसडीएम तहसीलदार को इस भूमि पर अवैध प्लॉट बेचे जाने और निर्माण की शिकायत प्राप्त हुई थी. उस वक्त कार्यवाही करते हुए एसडीएम तहसीलदार द्वारा चेतावनी देते हुए चूना डाल दिया था और मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था. हाल में इस भूमि की शिकायत सीएम हेल्पलाइन सहित जिला प्रशासन को की गई थी.

इस पर बुधवार को एसडीएम तहसीलदार ने आकर निर्माण कर रहे लोगों को चेतावानी दी थी और गत दिवस कार्यवाही कर दी. अब देखना है कि क्या इन भूमाफियायों पर कोई प्रशासन एफआईआर करवाएगा या फिर मामला फिर ठंडे बस्ते में चला जाएगा.

करोंद में सीलिंग की भूमि पर बने 45 अवैध निर्माणों को तोडऩे की आज कार्यवाही की गई है. पूर्व में कार्यवाही के दौरान कुछ दस्तावेज नहीं मिले थे. अब पुख्ता दस्तावेजों में कुछ भूमाफियायों के नाम उजागर हुए हैं. मामले की जांच कर दोषियों पर एफआईआर करवाई जाएगी और जो लोग इनकी धोखाधड़ी का शिकार हुए है उन्हें भी एफआईआर करने को कहा है.
मुकुल गुप्ता,
एसडीएम गोविंदपुरा