सेना में उज्ज्वल भविष्य हेतु अभिप्रेरण सत्र का आयोजन

संत हिरदाराम नगर,

नवनिध सभागार में मिठ्ठी स्कूल के कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों के लिए भारतीय सेना में उज्ज्वल भविष्य हेतु अभिप्रेरणा सत्र का आयोजन किया गया.

इस अभिप्रेरक सत्र का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय सेना में बढ़ती व्यावसायिक संभावनाओं चयन प्रक्रिया, दायित्वों एवं तैयारी की विस्तृत जानकारी देना रहा. कार्यक्रम में मुख्य रूप से संस्थान सचिव ए.सी.साधवानी, मुख्य अतिथि कर्नल नारायण पारवानी, विद्यालय प्राचार्य डॉ. अजयकांत शर्मा, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्रगण उपस्थित थे.

सिद्ध भाऊ का अभिमत है कि राष्ट्र प्रेम प्रत्येक नागरिक का नैतिक एवं प्रथम कर्तव्य है. जिसकी पूर्णता हम सभी का उत्तर-दायित्व है. अत: भारतीय सेना राष्ट्र की रीढ़ की हड्डी है जिसके मजबूत कन्धों पर ही राष्ट्र की आधार शिला टिकी है. सेना का बनना अपने आप में अत्यंत गर्व और देश भक्ति का परिचायक है. इस मूल भावना को बच्चों में विद्यार्थी जीवन से ही निरूपित किया जाना चाहिए.

कर्नल पारवानी ने कहा कि सेना कोई व्यवसाय मात्र नहीं है अपितु जीवन को गौरव और साहस के साथ जीने का मार्ग एवं तरीका है. यह सेवा भाव है और ऐसा जीवन वही मनुष्य जी सकता है जिस में वीरता, स्वाभिमान, अनुशासन के गुण हो.

उन्होंने विद्यार्थियों को अभिप्रेरित करते हुए भारतीय सेना का महत्व, उपयोगिता, व्यावसायिक संभावनाओं, चयन प्रक्रिया का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया. साथ ही उन्होंने बताया कि सेना प्रतिभा सम्पन्न युवाओं के उच्च एवं उच्चतर शिक्षा का पूर्ण व्यय भी उठाती है.

सैन्य जीवन में रोमांचक अनुभवों से गुजरते हुए सैनिक राष्ट्र के प्रति प्रेम एवं प्रसन्नता का भाव महसूस करता है. प्राचार्य डॉ. अजयकांत शर्मा ने भारतीय सेना की सबलता का उल्लेख किया.

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