पेरिस,

फ्रांस और  ब्रिटेन रूस के सोची शहर में आयोजित होने वाली सीरिया शांति वार्ता में हिस्सा नहीं लेंगे।
दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में अलग से चलाई जा रही सीरिया शांति वार्ता प्रक्रिया के समर्थन में यह निर्णय लिया है।

फ्रांस और ब्र्रिटेन ने रूस से यह भी आग्रह किया है वह सीरिया की सरकार को सकारात्मक बातचीत में साथ लेकर आए।

दोनों यूरोपीय देशों के साथ कुछ अरब देश भी मानते है कि रूस द्वारा आयोजित सोची शांति वार्ता संयुक्त राष्ट्र की शांति प्रक्रिया को कमतर करने और उससे अलग एक शांति प्रक्रिया चलाने का प्रयास है।इन देशों का मानना है कि रूस एक अलग शांति प्रक्रिया चलाकर समाधान का रुख अपने सहयोगी ईरान और सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के पक्ष में मोड़ना चाहता है।

फ्रांस के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पत्रकारों से कहा, “सोची बैठक जैसे सभी अन्य पहलों एक सांचे के भीतर संयुक्त राष्ट्र की शांति प्रक्रिया का समर्थन करना चाहिए।फ्रांस सीरिया के विपक्ष की निर्णय को ध्यान में रखते हुए सोची बैठक में शामिल नहीं होगा।”

ब्रिटेन के सीरिया में दूत मार्टिन लांगदेन ने ट्विटर पर कहा, “ब्रिटेन सोची वार्ता में हिस्सा नहीं लेगा।हम रूस से आग्रह करते हैं कि वह वह अपने प्रभाव का इस्तेमाल सीरिया को समझाने के लिए करे।”

गौरतलब है कि रूस ने सोची वार्ता के लिए संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों ब्रिटेन, चीन, फ्रांस और अमेरिका को आमंत्रित किया था।सीरिया के विपक्ष ने सोची बैठक का बहिष्कार किया है।

Related Posts: