खास बातें

  • वीजा समाप्ति के बाद रह रहे स्टूडेंट्स होंगे प्रभावित
  • शुक्रवार रात एक ड्राफ्ट पॉलिसी जारी, अगस्त में लागू होगी
  • 2016-17 में भारतीय स्टूडेंट्स की संख्या में 12फीसद की वृद्धि

मुंबई,

अमेरिका में राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के प्रशासन ने शुक्रवार देर रात वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद रह रहे स्टूडेंट्स के खिलाफ कार्रवाई के लिए एक ड्राफ्ट पॉलिसी जारी की.

यह नीति 9 अगस्त से प्रभावी हो जाएगी जिसमें गैर-कानूनी मौजूदगी की अवधि की गणना पद्धति में बदलाव का प्रस्ताव है. प्रस्तावित नीति के तहत स्टूडेंट्स की गैर-कानूनी मौजूदगी की अवधि को उस दिन से गिनना शुरू कर दिया जाएगा जबसे उनका आव्रजन स्टेटस खत्म हो जाता है. इसका मतलब उस दिन से होता है जब स्टूडेंट्स पढ़ाई समाप्त कर चुके होते हैं और अनाधिकृत गतिविधियों में लिप्त पाए जाते हैं या फिर पढ़ाई और ग्रेस अवधि पूरी कर चुके होते हैं.

उदाहरण के लिए स्न-1(स्टूडेंट वीजा) स्टूडेंट्स को 60 दिन का ग्रेस दिया जाता ताकि वे इस दौरान अपने स्टेटस (वर्क वीजा) को बदल सकें या अमेरिका छोड़ कर चले जाएं. यह प्रस्ताव तब महत्वपूर्ण हो गया है जब गैर-कानूनी अवधि के आधार पर स्टूडेंट्स को अमेरिका में प्रवेश करने या स्थायी रेजिडेंसी पाने में दिक्कत आ सकती है.

जो स्टूडेंट्स 180 से अधिक दिनों तक गैर-कानूनी तरीके से अमेरिका में रहते हुए पाए जाएंगे, उनके 3 से 10 साल तक अमेरिका में प्रवेश पर रोक लग सकती है. आव्रजन कानून विशेषज्ञ एक वैश्विक फर्म फ्रैगोमेन ने कहा, अत:, नई नीति के तहत उन स्टूडेंट्स पर कार्रवाई होगी जिन्हें स्टेटस नहीं मिल पाया है और जो वीजा के लिए आवेदन करना चाहते हैं या फिर स्थायी रेजिडेंट के लिए स्टेटस बदलना चाहते हैं.