नयी दिल्ली,

उत्तर प्रदेश की दो सीटों पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) की करारी हार के बाद विपक्ष के निशाने पर आई प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की अपने भी आलोचना करने लगे हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद सुब्रमण्यन स्वामी ने तो इशारों इशारों में मुख्यमंत्री पर हमला करते हुए कहा जो नेता अपनी सीट पर जीत नहीं दिला सकते उन्हें बड़े पद देना लोकतंत्र में आत्महत्या करने जैसा है।

बिहार और उत्तर प्रदेश में लोकसभा की तीन सीटों पर हुए उपचुनाव में भाजपा की करारी हार हुई है। भाजपा गोरखपुर संसदीय सीट जो योगी आदित्यनाथ का गृह क्षेत्र हैं वहां समाजवादी पार्टी (सपा)के हाथों पराजित हुई ।

इससे पहले योगी आदित्यनाथ इस सीट से पांच बार लगातार सांसद चुने गए हैं। इसके अलावा फूलपुर जहां से उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सांसद रहे भाजपा को वहां भी सपा के हाथों पराजय का मुंह देखना पडा। बिहार की अरारिया सीट से राष्ट्रीय जनता दल विजयी हुआ है।

श्री स्वामी ने एक टेलीविजन चैनल से बाचतीत में योगी आदित्यनाथ पर इशारों में हमला किया । उन्होंने कहा “ जो नेता अपनी सीट पर जीत नहीं दिला सकते , ऐसे नेताओं को बड़े पद देना लोकतंत्र में आत्महत्या करने जैसा है। जनता में जो लोकप्रिय है,वह किसी पद पर नहीं है। मेरा मानना है कि इन सब चीजों को दुरुस्त करने के लिए अब भी समय है।”

बिहार के पटना साहिब से सांसद और काफी समय से पार्टी पर हमला करते आ रहे शत्रुघ्न सिन्हा ने भी मौका नहीं चूका। उन्होंने ट्वीट किए “ सर यूपी बिहार के उपचुनाव के नतीजों ने आपको और हमारे लोगों का यह अहसास करा दिया होगा कि सीटबेल्ट बांधनी होगी । आगे कठिन समय है।

उम्मीद है कि भविष्य में हम इस संकट से निपट सकेंगे। जितनी जल्दी हम इस समस्या को हल कर सकेंगे बेहतर होगा। ये नतीजे राजनीतिक भविष्य के बारे में भी बताते हैं, इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता ।”

श्री सिन्हा ने उपचुनाव में जीत के लिए अखिलेश यादव, मायावती , लालू प्रसाद यादव और युवा नेता तेजस्वी यादव को बधाई देते कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मेरे दोस्त योगी जी जो अपने “गृहनगर” में भी हार गए इसके लिए दुख है । उन्होंने ठीक कहा है“ अति आत्मविश्वास के कारण बडी हार हुई है।”

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा“ मैं निरंतर कहता रहा हूं कि अहंकार. गुस्सा और अतिआत्मविश्वास लोकतांत्रिक राजनीति में सबसे बडे दुश्मन हैं। यह बात ट्रंप, मित्रों और विपक्षी नेताओं समेत सब पर लागू होती है।” ‘जय हिंद’

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