ढ़ाका,

स्विटजरलैंड रोहिंग्या शरणार्थियों को दी जा रही मदद के अलावा 1. 20 करोड़ अमेरिकी डॉलर की सहायता और देगा।बंगलादेश की आधिकारिक यात्रा पर यहां पहुंचे स्विटजरलैंड के राष्ट्रपति अलैन बर्सेत ने कल बंगलादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ हुई बैठक के बाद इस आशय की घोषणा की।गौरतलब है कि म्यांमार के राखिन प्रांत से आये बड़ी संख्या में रोहिंग्या शरणार्थी बंगलादेश में शरण लिए हुए हैं।

बैठक के बाद जारी संयुक्त वक्तव्य में श्री बर्सेत ने इस मुद्दे पर बंगलादेश के प्रति अपने देश का पूर्ण समर्थन देने का संकल्प व्यक्त किया।बंगलादेश के कॉक्स बाजार जिले में बड़ी संख्या में आए रोहिंग्या शरणार्थियों को दी जाने वाली यह मदद गत वर्ष दी गयी 80 लाख फ्रैंक्स (80 लाख 60 हजार अमेरिकी डॉलर) की सहायता के अलावा होगी।

गत वर्ष अगस्त में हुई हिंसा के बाद म्यांमार से भागे सात लाख शरणार्थियों के साथ ही बंगलादेश में राेहिंग्या शरणार्थियों की संख्या बढ़कर नौ लाख से अधिक हो चुकी है।

बंगलादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बैठक के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि संकट का मूल म्यांमार में है तथा इसका समाधान भी वहीं निहित है।उन्होंने श्री बर्सेत के साथ हुई बातचीत को ‘उत्साहवर्द्धक’ बताते हुए बंगलादेश ने कोफी अन्नान पैनल की सिफारिशों को तत्काल लागू करने पर जोर दिया है।इससे रोहिंग्या शरणार्थियों की सुरक्षित और सम्मानित वापसी भी सुनिश्चित होगी।

सुश्री हसीना ने रोहिंग्या संकट को लेकर वैश्विक पैमाने पर स्विटजरलैंड के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, “ मुझे पूर्ण विश्वास है कि स्विटजरलैंड अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर रोहिंग्या संकट के शांतिपूर्ण समाधान के लिए म्यांमार पर दबाव बनाये रखेगा।”

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