फैक्ट फाइल

  • अस्पताल में हर महीने एंजियोग्राफी के मरीज : 80 से 90
  • अस्पताल में हर महीने एंजियोप्लास्टी के केस : 30 से 40
  • हर महीने पेस मेकर लगवाने वाले मरीज : 45 से 60

नवभारत न्यूज भोपाल,

राजधानी के हमीदिया अस्पताल में जल्द ही एंजियोग्राफी एंजियोप्लास्टी और पेसमेकर लगाने का काम जल्द ही शुरू हो जाएगा. इसके लिए मशीनों की खरीदी के आर्डर दे दिए गए हैं. मई के आखिर तक मशीनें आ जाएंगी और इनके इंस्टॉलेशन के बाद करीब 2 महीने सुविधा के शुरू होने में लगेंगे.

प्रदेश के छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सिर्फ हमीदिया अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग है. यहां पर चार कार्डियोलॉजिस्ट हैं, लेकिन कैथ लैब काफी पुरानी होने की वजह से पिछले डेढ़ साल से बंद है. इस वजह से एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, पेस मेकर लगाने का काम नहीं हो पा रहा है. मरीजों को निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है.

प्राइवेट अस्पतालों में इलाज पर मोटी रकम खर्च हो रही है. एंजियोग्राफी हार्ट में खून की नसों में अवरोध पता करने के लिए होती है. अवरोध को हटाने के लिए एंजियोप्लास्टी की जाती है. हमीदिया अस्पताल में गरीब मरीजों की एंजियोग्राफी मुफ्त में की जा रही थी. गरीबी रेखा से ऊपर के मरीजों से 8 हजार रुपए लिए जाते थे.

इसी तरह से यहां पर एंजियोप्लास्टी में सिर्फ स्टेंट का खर्च लगभग 28 हजार रुपए लगता था. निजी अस्पतालों में एंजियोग्राफी कराने पर एक से डेढ़ लाख रुपए तक लगते हैं. पिछले हफ्ते जांच कराने हमीदिया अस्पताल आए चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव राधेश्याम जुलानिया ने भी डीन डॉण् एमसी सोनगरा को महीने भर के भीतर मशीन खरीदने को कहा है.

नई मशीन का ऑर्डर दे दिया गया है. मशीन आने से इंस्टॉलेशन तक करीब 2 महीने लगेंगे. इसके उपरांत यह सुविधा आम जनता के लिए शुरू कर दी जाएगी.
-डॉ. एम सी सोनगरा, डीन, गांधी मेडिकल कॉलेज

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