शुगर क्या है

बदलते लाइफस्टाइल के कारण ज्यादातर व्यक्ति किसी न किसी बीमारी का शिकार रहते हैं, जिनमें से डायबिटीज की समस्या आम सुनने को मिलती है. समय पर खाना न खाना, देर रात तक जागना, सुबह देर तक सोना, चिंता, जंक फूड, अल्कोहल, स्मोकिंग अन्य आदि डायबिटीज के कारण हो सकते हैं.

डायबिटीज की समस्या आजकल दिनों दिन बढ़ती नजर आ रही है. ऐसे में डायबिटीज को लेकर लोगों के मन में कई तरह के ख्याल आने लगे हैं, जैसे कि डायबिटीज किन कारणों से होती है, इसके होने पर शरीर को क्या नुकसान होते हैं, ब्लड शुगर कम या ज्यादा होने के क्या लक्षण होते हैं. तो आइए जानते हैं उन सवालों के बारें में जो डायबिटीज के बारे में अक्सर लोगों के मन में आते हैं.

क्या डायबिटीज अनुवांशिक रोग हैं?

हां, यह एक अनुवांशिक रोग है लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि यह अन्य लोगों को नहीं होगा. जिन व्यक्तियों के माता-पिता में से किसी एक को भी डायबिटीज की समस्या है उनको डायबिटीज होने का खतरा ज्यादा होता है.

ब्लड शुगर की सामान्य मात्रा कितनी होनी चाहिए ?

ब्लड शुगर का चेकअप हमेशा खाली पेट ही करवाना चाहिए इसके लिए आपको 8 से 10 घंटे भूखे रहना चाहिए. खाली पेट ब्लड शुगर लेवल की सामान्य मात्रा 70 से 110 द्वद्द/स्रद्य होती हैं और खाना खाने के बाद शुगर की सामान्य मात्रा 140 से 160 द्वद्द/स्रद्य होनी चाहिए.

क्या डायबिटीज की दवा जिंदगी भर लेनी होती हैं?

डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसको नियंत्रित करने के लिए हमेशा दवाई खानी पड़ती है.

ब्लड में शुगर बढऩेे के क्या लक्षण होते हैं?

ब्लड शुगर बढऩे के कई कारण हो सकते हैं जैसे वजन में कमी आना, अधिक भूख लगना, अधिक प्यास, मुंह सूखना, बार-बार पेशाब लगना खासतौर में रात के समय, हाथ और पैर में चीटियां चलने जैसा महसूस होना, जल्दी थकावट होना, कमजोरी महसूस होना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं.

ब्लड में शुगर की मात्रा कम होने के क्या लक्षण हैं?

ब्लड में शुगर कम होने पर आपको बहुत भूख लगती है, बाद में पेट में जलन, चक्कर, पसीना, धडक़न तेज होना, बोलने में कठिनाई, अंत में आपको बेहोशी महसूस होना आदि लक्षण देखने को मिलते हैं.

इस बीमारी में कौन सा फल खाएं?

सेब, नाशपती, अनार, पपीता, कीवी और तरबूज खाने चाहिए इससे ब्लड में शुगर की मात्रा ठीक रहती है.

ब्लड में शुगर की मात्रा कम होने पर क्या खाएं?

ब्लड में शुगर की मात्रा कम होने पर हर 3 घंटे में कुछ न कुछ जरूर खाएं. अगर आप किसी मीटिंग में हैं तो आप बिस्कुट या कुछ हल्का-फुल्का खा सकते हैं. कहीं दूर जाने पर अपने साथ खाना जरूर रखें. ज्यादातर घर का बना हुआ खाना ही खाएं.

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