बैठे-बैठे काम करते हुए आप के पैरों में दर्द रहने लगता है, ऊपर से स्टाइलिश चप्पलों को दिन भर पहन कर रखना पड़ता है. ऐसे में करें तो क्या, तो आइए मिलकर ढूंढते हैं इस समस्या का हल और इस सप्ताह तय करते हैं करीने से चलना-फिरना.

फैशन की होड़ में महिलाएं आम तौर पर अपने आपको सही तरीके से फिट नहीं रख पा रही हैं. हील वाली चप्पलें पहनने से होने वाले नुक्सानों से भली-भांति अवगत होने के बाद भी हम उनको अनदेखा कर हील वाली ही चप्पलें व जूते पहनना पसंद करते हैं. इससे कई बार तो पार्टी व बाजार में गिर जाती हैं महिलाएं.

स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि टहलना सबसे सरल काम है, इसलिए जो महिलाएं ज्यादातर बैठ कर काम करती हैं उन्हें सुबह या शाम करीब एक घंटा जरूर टहलना चाहिए, लेकिन जो लोग ऊंची एड़ी के जूते-चप्पल इस्तेमाल करते हैं उन्हें इसके लिए बेहतरीन किस्म के समतल जूते, आरामदायक कपड़े इस्तेमाल करने चाहिएं. बेहतर होगा कि वे टहलने से पहले दो गिलास पानी पिएं. अगर हम इन का प्रयोग कम से कम करें तो सेहत के लिए भी बेहतर साबित होगा.

  • हिलने-डुलने और शरीर को गर्म करने वाले व्यायाम शुरू करें. शुरूआत में 20 मिनट और बाद में 30 मिनट की तेज चाल अपनाएं.
  • सीधे खड़े होकर दोनों भुजाओं को गहरी सांस लेते हुए सीधे करें और चार बार आगे-पीछे घुमाएं, फिर कमर झुका कर हाथों से पांवों के पंजों को छूने की कोशिश करें. इसे कम से कम आठ बार करें. अंत में टकनों को घड़ी की सुइयों की दिशा में विपरीत दिशा में घुमाएं.
  • शरीर को गर्म करने, वार्म अप करने के लिए धीरे-धीरे टहलना शुरू करें. ध्यान रहे कि एड़ी और टखने ही घूमें. बाजू अपने स्थान पर यथावत रखें. इसके बाद बाजुओं को तेजी से घुमाएं.
  • यदि आप यह व्यायाम सिर्फ फिट रहने के लिए कर रही हैं तो चाल को धीमा रखें. व्यायाम के उपरांत भी दो गिलास पानी पिएं.