Susan Riceवाशिंगटन. आतंकवाद और हिंसक विचारधाराओं से मुक्त विश्व बनाने की फिर से प्रतिबद्धता की अपील करते हुए अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहाकार सूसन राइस ने कहा है कि हिंसक चरमपंथ से निपटना एक मुश्किल चुनौती है लेकिन ऐसा कर दिखाना असंभव नहीं है.

राइस ने कहा कि हिंसक चरमपंथ से निपटना मुश्किल चुनौती है लेकिन यह असंभव नहीं है. हमारी सफलता के कालक्रम को दशकों में नहीं तो वर्षों में मापा जा सकता है, लेकिन हम लगे रहेंगे. ऐसा इसलिए है क्योंकि जो हमारे पास है, वह आतंकी कभी नहीं कर सकते. वे कभी ज्यादा न्यायपूर्ण, ज्यादा समानता और ज्यादा शांति वाले किसी विश्व के लिए कोई सकारात्मक सोच नहीं दे सकते. हिंसक चरमपंथ से निपटने के मुद्दे पर आयोजित तीन दिवसीय व्हाइट हाउस सम्मेलन के समापन पर राइस ने कहा कि आइए, आज इसे एक नवीकृत प्रतिबद्धता के साथ संपन्न करते हैं. आतंकवाद और हिंसक विचारधाराओं से पूरी तरह मुक्त विश्व बनाने की प्रतिबद्धता के साथ. इस सम्मेलन में भारत समेत 70 से ज्यादा देशों ने शिरकत की थी.

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति बराक ओबामा ने हिंसक चरमपंथ से निपटने की परियोजनाओं समेत आतंकवाद से निपटने के लिए व्यापक साझेदारियों के लिए विदेश मंत्रालय से 40 करोड़ डॉलर देने का अनुरोध किया है.

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