मन की बात में बोले पीएम

नई दिल्ली,

पीएम नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में देश में महिलाओं के बढ़ते योगदान की जमकर सराहना की. उन्होंने कहा कि हमने दो दिन पहले ही गणतंत्र दिवस मनाया और इस मौके पर दुनिया के मेहमानों ने भारत की महिला शक्ति का शौर्य देखा. मोदी ने देश में महिलाओं के सम्मान की संस्कृति को लेकर कहा, सदियों पहले स्कन्ध पुराण में कहा गया है कि 10 बेटों के समान एक बेटी है.

आकाशवाणी पर कार्यक्रम में उन्होंने कहा, दो दिन पूर्व ही हमने गणतंत्र पर्व को पूरे उत्साह के साथ मनाया. इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि 10 देशों के मुखिया समारोह में उपस्थित रहे.

नरेंद्र मोदी ऐप पर प्रकाश त्रिपाठी के सुझाव का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 1 फरवरी को कल्पना चावला की पुण्यतिथि है. वह भले ही चली गईं, लेकिन वह देश को गौरवान्वित कर के चली गईं. यह देखकर खुशी होती है कि भारत में हर क्षेत्र में महिलाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं.

प्राचीन काल से भारत में महिलाओं का सम्मान और उनका योगदार लोगों को हैरत में डालता आया है. लोपामुद्रा, गार्गी, मैत्री जैसे न जाने कितने ऐसे नाम हैं.

मोदी ने कहा, आज कई क्षेत्र ऐसे हैं, जहां हमारी नारी शक्ति कुछ करके दिखा रही हैं. पिछले दिनों राष्ट्रपति ने उन असाधारण महिलाओं के एक ग्रुप से मुलाकात की, जिन्होंने कुछ करके दिखाया. पैसेंजर ट्रेन की पहली महिला ड्राइवर, बस ड्राइवर, एवरेस्ट पर जाने वाली पहली महिला और ऐसी कई महिलाओं से मुलाकात कीं.

आज भी है महात्मा गांधी की प्रासंगिकता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि महात्मा गांधी के शांति और अहिंसा के रास्ते‘कोरे’सिद्धांत नहीं थे बल्कि ये आज भी प्रासंगिक हैं. मोदी ने कहा कि 30 जनवरी को पूज्य बापू की पुण्य-तिथि है. गांधी ने सभी को एक नया रास्ता दिखाया है. इस दिन‘शहीद दिवस‘भी मनाया जाता है.

प्रधानमंत्री ने कहा,‘ इस दिन हम देश की रक्षा में अपनी जान गंवा देने वाले महान शहीदों को 11 बजे श्रद्दांजलि अर्पित करते हैं.उन्होंने कहा कि बापू का शांति और अङ्क्षहसा का रास्ता भारत या दुनिया, व्यक्ति, परिवार हो या समाज सभी लिए प्रासंगिक है.

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