विधायक ने माना की नर्मदा लाइन शिफ्टिंग के चलते धीमी गति से चल रहा था काम

नवभारत न्यूज भोपाल,

दो साल से चल रहे सुभाष नगर ओवरब्रिज का काम फरवरी 2019 तक पूरा हो सकता है. 23 करोड़ की लागत से बन रहे इस ओवरब्रिज का निर्माण कार्य नर्मदा लाईन की शिफ्टिंग के चलते धीमी गति से चल था. अब नर्मदा लाईन की शिफ्टिंग शुरु हो चुकी है.

रेलवे लाईन के उपर से गुजरने वाले ओवरब्रिज का निर्माण कार्य दो हिस्सों में किया जाता है. जिसमें एक हिस्सा राज्य सरकार को और दूसरे हिस्से का काम रेलवे को करना होता है. स्थानीय विधायक के अनुसार समय सीमा 2019 है. पर उन्होने काम को पूरा करने के लिए कंपनी को जुलाई 2018 डेड लाईन दे रखी है.

रहवासी और राहगीर हो रहे परेशान

निर्माण कार्य में अगर देरी होती है तो राहगीरों की परेशानियां भी बढ़ जाएंगी. निमार्ण कार्य के चलते ओवरब्रिज के नीचे की सडक़ की हालत जर्जर हो चुकी है. जिस कारण राहगीरों और रहवासियों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है.

इन कारणों से धीरे चल रहा था काम

सुभाष नगर की मुख्य सडक़ से जो बिजली की लाईन गई थी, सबसे पहले वह ओवरब्रिज के निर्माण मे रोड़ा बनी. लगभग तीन महीने बिजली की लाईन को शिफ्ट कराने में लगे. इसके बाद नर्मदा लाईन की शिफ्टिंग में देरी के चलते ब्रिज के निर्माण की गति धीमी हो गई.

अब नर्मदा लाईन की शिफ्टिंग शुरु हो चुकी है. साईट पर मौजूद इंजीनियर से बात करने पर पता चला की कंपनी द्वारा पहले ही यह साफ कर दिया गया था की नर्मदा लाईन शिफ्ट हुए बिना निर्माण नहीं हो पाएगा.

इसके बाद भी नगर निगम समय पर लाईन शिफ्ट नहीं कर सका. इस मामले में नगर निगम के जेएनयूआरएम एवं जल वितरण प्रोजेक्ट मेनेजर ए आर पवार से कई बार संपर्क करने पर भी उन्होने फोन नहीं उठाया.

यह बात सही है कि नर्मदा लाईन शिफ्टिंग के चलते निर्माण धीमी गति से चल रहा था. अब नर्मदा लाईन की शिफ्टिंग का काम शुरु हो चुका है. हम समय सीमा में निर्माण पूरा कर लेंगे. समय सीमा 2019 है, पर मेने कंपनी को जुलाई 2018 की डेडलाईन दी है.
-विश्वास सारंग, राज्य मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक, म.प्र शासन

जबसे ब्रिज का काम चालू हुआ है, सडक़ खराब होने की वजह से बहुत परेशानी हो रही है. यहां गाडियों का फिसलकर गिरना सामान्य घटना बन चुकी है.
-रजत अभिनय, रहवासी,सुभाष नगर