दुकान बंद कर गायब हुआ विक्रेता, खरीदार परेशान

  • पीडि़त ने क्राइम ब्रांच में दर्ज करवाई शिकायत

नवभारत न्यूज भोपाल,

डिश टीवी का सेटटॉप बॉक्स इकबाल सिद्दीकी नेे 2013 में 13 सौ रुपये में हमीदिया रोड़ स्थित भटनागर इलेक्ट्रॉनिक से खरीदा था. जिसका बिल उन्हें पांच साल बाद 31 जनवरी को 77 लाख 25 हजार रुपये का प्राप्त हुआ है.

इकबाल के स़ेटटॉप बॉक्स मेंं तकनीकि खामियों के कारण वह सही ढंग से काम नहीं कर रहा था. जिसके बाद इकबाल ने सेटटॉप बॉक्स विक्रेता को सही करने के लिए दिया था. लेकिन जब वह उसको वापिस लेने गए तो वह दुकान बंद मिली. जब उन्होंने नजदीकी दुकान वालों से पूछताछ की तो उन्हें पता चला कि वह दुकान अब बंद हो गई है. जिसके बाद बॉक्स भटनागर इलेक्ट्रॉनिक्स के पास ही रह गया था.

इस घटना के 5 साल बाद इकबाल सिद्दीकी के नाम 29 जनवरी को वकील वीके गुप्ता के नाम से एक नोटिस प्राप्त हुआ है, जो कि डी 1/198 सेक्टर 11 रोहिणी दिल्ली के पते से जारी हुआ है. जिसमें इतनी बड़ी राशि जुर्माने के रुप में मांगी गई है. इस नोटिस से मध्यमवर्गीय परिवार सदमें में है. इकबाल के पिता अताउर रहमान ने इस पूरी घटना की शिकायत ए.एस.पी क्राइम ब्रांच को 10 फरवरी को की है.

फर्जी है नोटिस

मामले की जानकारी जब नवभारत को मिली तो हमने नोटिस की प्रति देखी, तो इसके फर्जी होने का शक हुआ, क्योंकि यह नोटिस वीके गुप्ता वकील के नाम से जारी हुआ है. जिसमें डी 1/198 सेक्टर 11 रोहिणी दिल्ली का पता चस्पा है.

जिसमें वीके गुप्ता के स्केन करे हुए हस्ताक्षर हैं. जिसपर कोई सील मोहर नहीं लगी हुई है. वकील का जो पता दिया हुआ है. उसे इंटरनेट पर सर्च करने पर यह पता नारायण इलेक्ट्रॉनिक के नाम से दर्ज है, जो कि एसी और फ्रिज आदि को सही करने का काम करता है.

यह नोटिस गाजियाबाद के पोस्ट ऑफिस से पोस्ट द्वारा भेजा गया है. जबकि रोहिणी और गाजियाबाद की दूरी लगभग 50 किलोमीटर है. इस फर्जी पते से आये इस नोटिस से इस परिवार की रातों की नीद उड़ गई है. यह धोखाधड़ी का मामला नजर आ रहा है. जिसका उद्देश्य रुपये एठना हो सक ता है. इस साजिश के पीछे कोई गैंग हो सकती है.

Related Posts: