नयी दिल्ली,

सरकार ने 15वें वित्त आयोग के गठन को मंजूरी प्रदान कर दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आज यहां हुयी मंत्रिमंडल की बैठक मे इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गयी।

बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संवाददाताओं से कहा कि 15वें वित्त आयोग का टर्म आॅफ रिफ्रेंस शीघ्र ही अधिसूचित किया जायेगा।

श्री जेटली ने कहा कि 14वें वित्त आयोग की सिफारिशें 01 अप्रैल 2015 से प्रभावी हो चुकी हैं और ये 31 मार्च 2020 तक प्रभावी रहेंगी। हमें 01 अप्रैल 2020 से नये वित्त आयोग की सिफारिशें लागू करनी हैं। अब तक का अनुभव रहा है कि वित्त आयोग को परामर्श तथा अन्य प्रक्रियाओं में करीब दो साल का समय लगता है।

यह पूछे जाने पर कि क्या 15वें वित्त आयोग में केंद्र का हिस्सा और कम होने की संभावना है, श्री जेटली ने कहा “भारत राज्यों का संघ है और राज्यों को भी अपने अस्तित्व के लिए कुछ चाहिये होता है।”

उल्लेखनीय है कि संविधान के अनुच्छेद 280 के तहत वित्त आयोग का गठन किया जाता है और इस आयोग का मुख्य कार्य केन्द्र और राज्यों के बीच राजस्व वितरण के तरीके सुझाना है।

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